लीलाधर साहू
गुण्डरदेही।
स्वामित्व योजना अंतर्गत ग्रामीणों को मिल रहा अपने जमीन का मालिकाना हक
जिले में अब तक 12 गांवों के 1296 हितग्राहियों को वितरित किया गया अधिकार अभिलेख।
राज्य शासन द्वारा आम जनता के राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु आयोजित राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत शिविरों में बालोद जिले के हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख का वितरण किया गया। उल्लेखनीय है कि सर्वे आदि निर्धारित प्रक्रिया को पूरा करने के उपरांत बालोद जिले में अब तक 12 गांवों के कुल 1296 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेखों का वितरण किया जा चूका है।
शासन की महत्वाकांक्षी ’स्वामित्व योजना’ अंतर्गत अधिकार अभिलेख प्राप्त हो जाने से हितग्राहियों को अपने जमीन का मालिकाना हक प्राप्त हो गया है। ज्ञातव्य हो कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ’स्वामित्व योजना’ ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी विवादों को खत्म करने और ग्रामीणों को उनकी भूमि का मालिकाना हक दिलाने की महती योजना है। इसके अंतर्गत गांव की आबादी भूमि का सर्वेक्षण कर आबादी भूमि में स्थित घरों, मकान एवं बाड़ी का सर्वेक्षण कर अधिकार अभिलेख वितरण करना है।
इसके साथ ही पंचायती राज मंत्रालय, भारतीय सर्वेक्षण विभाग और राज्य राजस्व विभाग के संयुक्त प्रयासों से गांवों की आबादी भूमि का आधुनिक ड्रोन तकनीक के जरिए सर्वे किया जा रहा है। स्वामित्व योजना के तहत निर्धारित 669 ग्रामों में ड्रोन सर्वे का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। बालोद जिले में अब तक की स्थिति में अधिकार अभिलेख वितरण हेतु कुल 657 ग्राम पट्टा वितरण हेतु शेष रह गए है। जिला प्रशासन द्वारा 01 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक चलने वाले राजस्व पखवाड़े में 142 लक्षित गांवों के कुल 23,157 अधिकार अभिलेखों के वितरण का लक्ष्य रखा गया है।

