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आज राजीव भवन बालोद में जिला कांग्रेस कमेटी बालोद द्वारा महिला आरक्षण पर केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में जिलास्तरीय पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गया।

लीलाधर साहू 

गुण्डरदेही।

पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के समर्थन में थी,है और रहेगा!भाजपा द्वारा लगातार भ्रम फैलाया जा रहा है कि कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया,

इसलिए संसद में बिल पास नहीं हो सका!भाजपा झूठ बोल रही है,जबकि महिला आरक्षण बिल(नारीशक्ति वंदन अधिनियम2023)128 वां संविधान संशोधन विधेयक 2023 में संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है तथा महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस पर हस्ताक्षर कर चुकी है और यह कानून बन चुकी है!परिसीमन और आरक्षण का जाल बुनकर सरकार जनगणना को टालने की साजिश रच रही है!

16 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार ने जो विधेयक संसद में प्रस्तुत किया,वो 131 वां संविधान संशोधन विधेयक था जो कि महिला आरक्षण को मुखौटा बनाकर परिसीमन संशोधन बिल एवं केंद्रशासित प्रदेश कानून संशोधन बिल को भाजपा पास करवाना चाहती थी!इस विधेयक में 2011 की जनगणना को आधार बनाकर परिसीमन में लोकसभा की सीटें 850(राज्यों की 815 एवं केन्द्रशासित प्रदेशों की 35 सीटें) करने का प्रस्ताव था!महिला आरक्षण बिल को अगर तत्काल ही लागू करना है तो वर्तमान सदस्य संख्या में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर भी कानून लागू कर सकती है सरकार जिसमें कांग्रेस ने पहले ही समर्थन दे दिया है!

संजारी-बालोद की विधायक संगीता सिन्हा ने केंद्र सरकार एवं भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब 2026-27 की जनगणना शुरू हो चुकी है और सरकार ने जातिगत जनगणना की बात भी स्वीकार की है तो जनगणना के बाद आये नए आंकड़ों के आधार पर परिसीमन कर महिला आरक्षण क्यों नहीं दे रही सरकार?

भाजपा की मंशा महिला आरक्षण की नही बल्कि अपने मनमुताबिक परिसीमन की थी जो विपक्षी दलों की एकजुटता से पूरा नही हो सका!सीटों के परिसीमन का भाजपा का षड्यंत्र विफल हो गया है,अतः महिला आरक्षण के नाम पर भ्रम फैला रही है!आज पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को जो आरक्षण मिल रहा है वो कांग्रेस की नीतियों की वजह से है!सर्वप्रथम मई 1989 में स्व राजीव गांधीजी ने पंचायतों और नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का बिल पेश किया,

वह विधेयक लोकसभा में पारित हो गया था लेकिन सितंबर 1989 में राज्यसभा में पारित नही हो सका!अप्रैल 1993 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व पी वी नरसिम्हा राव ने दोनों विधेयकों को फिर से संसद में पेश किया,जो कि दोनों सदनों में पारित होकर कानून बन गये!संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का संविधान संशोधन विधेयक तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व डॉ मनमोहन सिंह जी द्वारा लाया गया जो कि 9 मार्च 2010 को राज्यसभा में पारित हुआ!कांग्रेस की सरकारों के प्रयास से ही देश भर में पंचायतों और नगर पालिकाओं में 15 लाख से अधिक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं!

प्रेसवार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के उपाध्यक्ष रामजी भाई पटेल पुरुषोत्तम पटेल,महामंत्री भोजराज साहू,धीरज उपाध्याय, बालोद शहर कांग्रेस अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू,पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव,कमल टुवानी, शेख मतीन सहित पत्रकारगण उपस्थित रहे!

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