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ग्रामीणों एवं हितग्राहियों के लिए सौगातों भरा रहा ग्राम भैंसबोड़ में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर।

परस साहू बालोद

कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर, जनपद अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल

शिविर में 801 आवेदनों का किया गया निराकरण, जनजातीय गरिमा उत्सव जनभागीदारी अभियान का किया गया शुभारंभ

सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी लेने तथा उन्हें शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु बालोद जिले में लगातार जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज जिले के आदिवासी डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम भैंसबोड़ में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्राम भैंसबोड़ सहित शिविर में आसपास के 18 ग्राम पंचायत के ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

शिविर में उपस्थित कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक एवं राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष सौरभ लुनिया, जनपद अध्यक्ष मुकेश कौड़ो, जनपद उपाध्यक्ष भोलाराम नेताम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि मनीष झा, जिला पंचायत सदस्य मिथलेश निरोटी एवं नीलिमा श्याम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों के द्वारा 05 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र, श्रम कार्ड वितरण, मत्स्य पालन प्रचार योजना अंतर्गत 02 हितग्राहियों को मछली जाल के अलावा 09 दिव्यांग जनों को छड़ी एवं श्रवण यंत्र, 02 हितग्राहियों को राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन स्वीकृति पत्र, 10 हितग्राहियों को स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख भी प्रदान किया गया। शिविर में 08 कृषकों को डिजिटल किसान किताब, 07 हितग्राहियों को नया राशन कार्ड का भी वितरण किया गया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था।

इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। ग्राम भैंसबोड़ में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 902 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 801 आवेदनों को मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया गया। ग्राम भैंसबोड़ में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विशेष बात यह रही कि जिला प्रशासन द्वारा इस शिविर के माध्यम से बालोद जिले में जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 का भी शुभारंभ किया गया।

उल्लेखनीय है जनजातीय गरिमा उत्सव का उद्देश्य जनजातीय समुदायों की गरिमा, विरासत, योगदान और उपलब्धियों का सम्मान करने के साथ-साथ जनजातीय कार्य मंत्रालय की समग्र जनजातीय विकास और सशक्तिकरण के लिए विभिन्न उपक्रमों और योजनाओं के परिवर्तनकारी प्रभावों को सामने लाना है। जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को सुशासन तिहार 2026 के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनओं का लाभ सुनिश्चित हो। राज्य शासन की इसी मंशा के अनुरूप शासन एवं प्रशासन के प्रतिनिधियों के द्वारा आम जनता के बीच पहुँचकर सुशासन तिहार के माध्यम से उनके वास्तविक मांगों एवं जरूरतों से रूबरू होेकर उनका समुचित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। मिश्रा ने शिविर स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टाॅलों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि स्टाॅलों में अपने-अपने विभागों से संबंधित जानकारियों को प्रदर्शित करने के अलावा स्टाॅल में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा अपने-अपने विभागों से संबंधित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

कलेक्टर ने शिविर में प्राप्त आवेेदनों के निराकरण की स्थिति के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पेंशन योजनाओं का लाभ लेने हेतु आवेदक या परिवार के किसी सदस्य का नाम 2002 या 2011 के गरीबी रेखा सर्वे सूची में दर्ज होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी विभाग के अधिकारियों को सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों का अधिकतम 01 माह की अवधि में अनिवार्य रूप से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मिश्रा ने मौके पर उपस्थित राजस्व विभाग के अधिकारियों को, सीमांकन, बटवारा आदि प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंनेे शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों से अविवादित नामांतरण, बटवारा आदि राजस्व प्रकरणों का निराकरण ग्राम पंचायतों के माध्यम से सुनिश्चित करने की अपील भी की। कलेक्टर ने शिविर में पेयजल से संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु की जा रही कार्यवाही के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि भैंसबोड़ कलस्टर के अलावा संपूर्ण जिले में पेयजल की समुचित आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा शासन स्तर से निराकृत होने वाले कार्यों के निराकरण हेतु शासन को प्रस्ताव भेजे जाने की भी जानकारी दी। मिश्रा ने जिले में जल संचय, जन भागीदारी अभियान जल संरक्षण के उपाय हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इसके अंतर्गत उन्होंने जल संचय, जन भागीदारी 2.0 के अंतर्गत जिले में किए जा रहे बेहतरीन कार्यों की भी सराहना की।

कलेक्टर ने महिलाओं में होने वाली सर्वाइकल कैंसर के संबंध में प्रकाश डालते हुए सभी अभिभावकों एवं बच्चों केे माता, पिता से जिन बालिकाओं की आयु से 14 वर्ष पूर्ण हो चुका है उन्हें अपने समीप के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पहुँचकर सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु टीका लगाने की भी समझाईश दी। इसके अलावा उन्होंने सभी कृषकों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने हेतु एग्रीस्टेक पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने को कहा। कलेक्टर मिश्रा ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि ग्राम भैंसबोड़ प्रत्यक्ष खनिज प्रभावित क्षेत्र में आता है। इसलिए इस क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास से कार्यों की स्वीकृति के संबंध में प्राप्त आवेदनों का विशेष प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने ग्राम भैंसबोड़ में जिला खनिज न्यास संस्थान से मूलभूत सुविधा सुनिश्चित करने हेतु ग्राम विकास प्लान बनाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास प्लान के आधार पर खनिज प्रभावित क्षेत्रों में गांवों का समुचित विकास सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणों को अपने ग्रामों में मुक्तिधाम, स्कूल एवं आंगनबाड़ी जैसे आवश्यक कार्यों को अपने प्राथमिकता में शामिल करने को कहा।

मिश्रा ने कहा कि गांव, अंचल एवं जिले के विकास के लिए प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आप सभी के सहयोग से बालोद जिले में शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित कर जिले के प्रत्येक क्षेत्रों में अग्रणी बनाने हेतु पूरे मनोयोग से कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर कलेक्टर मिश्रा ने बाल विवाह को सामाजिक बुराई के साथ-साथ सामाजिक अपराध बताते हुए शिविर में उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह के रोकथाम के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष सौरभ लुनिया ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए कृतसंकल्पित है। सुशासन तिहार के माध्यम से आम जनता के बीच पहुँचकर जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की पड़ताल की जा रही है। जनपद अध्यक्ष मुकेश कौड़ो ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार की मंशा है कि शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुनिश्चित है। इसी मंशा के अनुरूप शासन एवं प्रशासन के लोग आम जनता के बीच पहुँचकर उनके वास्तविक मांगों एवं आवश्यकताओं की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने शिविर में उपस्थित सभी विभाग के अधिकारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।

जिला पंचायत सदस्य मिथलेश निरोटी ने सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए आम नागरिकों से शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने को कहा। उन्होंने अंचल के प्रमुख मांगों की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसके निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर शिविर में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी विचार रखते हुए सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डीडी मण्डले ने शिविर में प्राप्त कुल आवेदन एवं उसके निराकरण की स्थिति के संबंध में जानकारी दी।

उल्लेखनीय है कि प्राथमिक शाला मैदान भैंसबोड़ में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम भर्रीटोला, रजही, चिपरा, धुर्वाटोला, सुवरबोड, गिधाली, भैसबोड, दानीटोला, गुजरा, खलारी, अड़जाल, कुसुमकसा, अरमुरकसा, पथरटोला, खम्हारटोला, बिटाल, धोबेदण्ड और धोबनी अ सहित 18 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जन शामिल हुए थे। शिविर में जनपद पंचायत डौण्डी को 161, राजस्व विभाग से 39, कृषि विभाग से प्राप्त 06, विद्युत विभाग के 32, श्रम विभाग से 10, शिक्षा विभाग से 04 सहित विभिन्न विभागों से कुल 902 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से कुल 801 आवेदनों का निराकरण किया गया। शिविर में एसडीएम सुरेश साहू, तहसीलदार देवेन्द्र नेताम, जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी, तुलसी राम मरकाम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा भैसबोड़ कलस्टर में शामिल 18 ग्राम पंचायतों के बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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