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जीवनदायिनी तांदुला नदी को वास्तविक स्वरूप में वापस लाने अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्यवाही शुरू।

परस साहू बालोद 

जेसीबी से खेतों की मेड़ तोड़कर किया जा रहा नदी के समानांतर समतलीकरण, तांदुला नदी का लौटाया जाएगा पुराना वैभव

राजस्व और पुलिस प्रशासन की टीम सुबह 05:30 बजे से कर रही है कार्यवाही, अतिक्रमणकारियों को दिया गया था 24 घंटे का अल्टीमेटम

बालोद जिले की जीवनदायिनी तांदुला नदी को उसके वास्तविक और मूल स्वरूप में वापस लाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक बड़ी और निर्णायक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। जिला मुख्यालय के समीप ग्राम सिवनी और देउरतराई क्षेत्र में तांदुला नदी के तट पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए आज सुबह से ही प्रशासनिक अमला मैदान पर उतर चुका है।

तहसीलदार द्वारा सभी 14 अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे के भीतर कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया गया था। समय सीमा समाप्त होते ही आज सुबह 05:30 बजे से राजस्व और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाने की कार्यवाही शुरू कर दी है। नदी क्षेत्र की लगभग साढ़े सात एकड़ भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए खेतों की मेड़ों को मशीनों के माध्यम से तोड़ा जा रहा है। इन अवैध खेतों को नदी के समानांतर समतल करने का कार्य तेजी से जारी है। समतलीकरण के बाद इस पूरे क्षेत्र में जलभराव किया जाएगा, जिससे तांदुला नदी को उसका पुराना वैभव और जल संचय क्षमता वापस मिल सकेगा।

उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले भी इस क्षेत्र में अवैध कब्जा हटाने की मुहिम शुरू की गई थी, लेकिन तब खेतों में ग्रीष्मकालीन धान की फसल लगी होने के कारण मानवीय दृष्टिकोण से इसे रोक दिया गया था। अब चूंकि धान की फसल कट चुकी है, प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए पुनः इस कब्जा हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया है। राजस्व विभाग की जांच और ड्रोन सर्वे में पता चला था कि जो तांदुला नदी 220 मीटर चौड़ी थी, वह अवैध कब्जों के कारण कई जगहों पर सिकुड़कर मात्र 80 से 90 मीटर ही रह गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि अधिकांश अतिक्रमणकारियों के पास अन्य जगहों पर अपनी जमीनें हैं और वे किराना दुकान, सैलून आदि जैसे मुख्य व्यवसाय चलाते हैं। कुछ लोगों द्वारा नदी की जमीन पर अवैध कब्जा कर इसे दूसरों को रेगहा पर देने की बात भी प्रमाणित हुई है।

अवैध कब्जा हटाने का यह कड़ा कदम तांदुला नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए बेहद जरूरी हो गया था। जिला प्रशासन का मुख्य संकल्प नदी को उसके पुराने और वास्तविक स्वरूप में वापस लाना है, जो आज सुबह से जारी इस त्वरित और बड़ी कार्यवाही से साकार होता दिख रहा है। इस कार्यवाही के दौरान एसडीएम नूतन कंवर, एसडीओपी बोनिफस एक्का, तहसीलदार आशुतोष शर्मा, नायब तहसीलदार मुकेश गजेंद्र, थाना प्रभारी शिशुपाल सिंह, ट्रैफिक टीआई रविशंकर पाण्डेय, गुण्डरदेही थाना प्रभारी नवीन बोरकर, रक्षित निरीक्षक रेवती वर्मा, जल संसाधन विभाग के उप अभियंता विशाल राठौर सहित राजस्व, पुलिस और जल संसाधन विभाग के कर्मचारी मौजूद थे।

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