परस साहू बालोद
*’धूप में खाली पेट न निकलें, नींबू-ORS का घोल पिएं’: डॉ. सिन्हा की सलाह*
*दल्ली राजहरा, 26 मई 2026* – बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए वार्ड क्रमांक 2 पंडर दल्ली के आयुर्वेदाचार्य डॉ. टी.के. सिन्हा (B.A.M.S) ने आम जनता के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि पृथ्वी का तापमान बेहताशा बढ़ रहा है, जो इंसान के साथ पशु-पक्षियों के लिए भी घातक है। लू लगने से डिहाइड्रेशन और असमय मौत तक हो सकती है।
*क्या है लू? क्यों है खतरनाक?*
डॉ. सिन्हा ने बताया कि तेज धूप और गर्म हवाओं से शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है। इसे ही आम भाषा में ‘लू लगना’ या हीट स्ट्रोक कहते हैं। समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा हो सकता है।
*लू लगने के 7 बड़े लक्षण:*
1. तेज सिर दर्द, चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ
2. बार-बार उल्टी, शरीर में असहनीय दर्द
3. त्वचा का सूखना, अचानक लाल-गर्म हो जाना
4. तेज बुखार और भूख न लगना
5. दस्त-उल्टी के साथ बुखार
6. मांसपेशियों में ऐंठन
7. दिल की धड़कन अनियमित होना
*बचाव के 7 रामबाण उपाय:*
1. *समय:* दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक बिना जरूरी काम के घर से न निकलें।
2. *कपड़े:* सूती, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें। सिर को गमछे या टोपी से ढकें।
3. *पानी:* खाली पेट धूप में न निकलें। निकलने से पहले भरपेट पानी पिएं। दिनभर नींबू पानी, ORS, नारियल पानी, बेल का शरबत लेते रहें।
4. *भोजन:* बासी, तला-भुना, मिर्च-मसालेदार और पैकेटबंद खाना न खाएं। सलाद ज्यादा खाएं।
5. *आयुर्वेदिक:* बेल का शरबत, चंदनासव और गिलोय का काढ़ा शरीर को ठंडक देता है।
6. *सुरक्षा:* धूप का चश्मा लगाएं। कान-आंख को तेज गर्मी से बचाएं।
7. *इलाज:* लू लगने पर मरीज को छांव में लिटाएं, ठंडे पानी की पट्टी सिर पर रखें, पेय पदार्थ पिलाएं। गंभीर हालत में तुरंत स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।
*डॉ. सिन्हा बोले: ‘बीमारी से बचें, इलाज से बेहतर है’*
डॉ. सिन्हा ने कहा, “बीमार होकर इलाज कराने से बेहतर है कि बीमारी से ही दूर रहें। थोड़ी सी सावधानी बड़ी परेशानी से बचा सकती है।”
*निःशुल्क सलाह यहां मिलेगी*
अधिक जानकारी के लिए वार्ड-2, गणेश चौक, स्व. डॉ. देशमुख के दवाखाना स्थित डॉ. टी.के. सिन्हा के क्लिनिक पर निःशुल्क सलाह ले सकते हैं।
मो नं.-9329223045
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