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प्राथमिक शाला भरदाखुर्द में निर्मित ’प्रिंट-रिच’ वातावरण बना बच्चा के लिए आकर्षण का केन्द्र।

परस साहू बालोद

ग्रामीणों और पालकों के सहयोग से संवरा शाला प्रांगण, विद्यालय बना क्षेत्र के अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत।

जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड से महज 07 किमी की दूरी पर स्थित ग्राम भरदाखुर्द में शासकीय प्राथमिक शाला, सामुदायिक सहभागिता की एक जीवंत मिशाल बनकर उभरी है। प्रधानपाठक श्री महेन्द्र कुमार साहू के नेतृत्व में शाला प्रबंधन समिति, जागरूक पालकों और ग्रामीणों की लगन से शाला प्रांगण एवं शिक्षण कक्षों का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है।

शिक्षा के प्रति बच्चों में विशेष रुचि जागृत करने के उद्देश्य से प्रधानपाठक और उनके स्टाफ ने पिछले शैक्षणिक सत्र 2023-24 में ही इसकी बुनियाद रखी थी। समुदाय के लोगों के साथ निरंतर संवाद, शाला की गतिविधियों में उनकी सक्रिय सहभागिता और उनके बहुमूल्य आशीर्वाद से शिक्षक, पालक एवं बालकों के बीच आत्मीयता बढ़ी है। विद्यालय के सौंदर्यीकरण हेतु समुदाय से लगभग 50 हजार रुपये का स्वैच्छिक सहयोग प्राप्त हुआ। इस राशि का सदुपयोग कर शाला प्रांगण, शिक्षण कक्षों एवं परिसर में सभी विषयों से संबंधित ’प्रिंट-रिच’ वातावरण का निर्माण किया गया है। विद्यालय की दीवारों पर उकेरी गई शैक्षणिक सामग्री को देखकर न केवल बच्चों के चेहरे खिल उठे हैं, बल्कि ग्रामीणजन भी अपने विद्यालय की सुंदरता देखकर हर्षित हैं।

ग्रामीणों की दानशीलता का परिचय इससे पूर्व भी देखने को मिला है। बारिश के मौसम में शाला प्रांगण में जलभराव और कीचड़ की समस्या को देखते हुए, ग्रामीणों के सहयोग से 25 हजार रुपये की राशि और श्रमदान के माध्यम से पूरे प्रांगण का फर्शीकरण कराया गया, जिससे अब बच्चे बिना किसी कठिनाई के विद्यालय में प्रवेश करते हैं। साथ ही, जनसहयोग से ही शिक्षा के इस मंदिर में माँ शारदे की स्थापना भी की गई है। अध्ययन कार्य में अब बच्चे हर्षोल्लास के साथ भाग ले रहे हैं। गुण्डरदेही विकासखंड का यह विद्यालय जनभागीदारी और सामुदायिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बन गया है।

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