Skip to main content

PATRIKA24x7

गांव-गांव में सुशासन का संदेश: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे जनता से सीधा संवाद, मिलेगा आमजन को योजनाओं का लाभ।

लीलाधर साहू

गुण्डरदेही।

*सुशासन तिहार समाधान शिविर के तीसरे चरण की शुरुआत ग्राम अंडा में दुर्ग सांसद विजय बघेल, व दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर की उपस्थिति में संपन्न*

आज दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत अंडा स्थित शासकीय हाईस्कूल में सुशासन तिहार समाधान शिविर के तीसरे चरण के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद माननीय विजय बघेल दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह, कमिश्नर सूर्य नारायण राठौर , आई.जी. रामगोपाल गर्ग जिला पंचायत सी.ई.ओ. बजरंग दुबे , जनपद सी.ई.ओ. रूपेश पाण्डेय , जिला पंचायत सदस्य श्रद्धा साहू, आशा विक्की मिश्रा, जनपद सभापति संतोष निषाद, रजनी साहू जनपद सदस्य अजीत चंद्राकर लोमेश चंद्राकर बेला यादव एवं अंचल के विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचगण जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

यह शिविर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य शासन की योजनाओं एवं सेवाओं को आम जनता तक पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ पहुँचाना है। आज शिविर के माध्यम से विभिन्न विभागों की जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया तथा हितग्राहियों को प्रमाण पत्र एवं लाभ प्रदान किए गए।

दुर्ग सांसद विजय बघेल ने कहा कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य प्रशासन को जनता के द्वार तक ले जाना है। उन्होंने कहा, हमारा संकल्प है कि राज्य के हर नागरिक तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचे और कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहे। सुशासन तिहार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बन गया है। यह अभियान केवल आवेदन संग्रह या समस्या निराकरण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राज्य के शासन-प्रशासन और जनता के बीच सेतु बन गया है।

इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का विभाग वाइस सर्वे करे और प्राथमिकता क्रम में संबंधित प्रकरण को तत्काल निराकरण करे ।आगे श्री चंद्राकर ने अधिकारियों कर्मचारियों को लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे शासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रत्यक्ष अनुभव लोगों को हो सके।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तीसरे चरण का शुभारम्भ 5 मई आज से किया गया इसको लेकर शासन-प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। सुशासन तिहार का तीसरा चरण 31 मई तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक जिले की 08 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आवेदकों को उनके आवेदनों की स्थिति की जानकारी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं अन्य मंत्रीगण कुछ समाधान शिविरों में शामिल होंगे तथा आवेदकों से भेंट कर उनकी समस्याओं के निराकरण के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। तीसरे चरण में मुख्यमंत्री स्वयं हेलीकॉप्टर से औचक रूप से किसी भी गांव में पहुँचकर लोगों से मुलाकात करेंगे और चौपाल लगाकर गांव के विकास और वहां पर पदस्थ मैदानी अमले की कार्यशैली के बारे में लोगों से जानकारी लेंगे। मुख्यमंत्री साय इस दौरान शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, निर्माण एवं विकास कार्याें की जमीनी हकीकत का भी मुआयना करेंगे।

यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य में शासन-प्रशासन को संवेदनशील, जनोन्मुखी और पारदर्शी बनाने के साथ ही जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुशासन तिहार-2025 का आयोजन किया जा रहा है। सुशासन तिहार के प्रथम चरण का शुभारंभ 08 अप्रैल को हुआ था। इसके तहत 11 अप्रैल तक प्रदेश की जनता से ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डाें में शिविर लगाकर समस्याओं और मांगों के संबंध में आवेदन लिए गए। आम जनता अपने आवेदनों को सहजता से शासन-प्रशासन तक पहुंचा सके, इसके लिए ग्राम पंचायत से लेकर जिला मुख्यालयों तक प्रमुख स्थानों पर समाधान पेटियां रखी गई, जिसमें लोग अपने आवेदन डाल सके। ऑनलाईन आवेदन लेने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।

सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रदेश की जनता से 40 लाख से अधिक आवेदन-पत्र प्राप्त हुए थे। इनमें मांग, समस्या और शासकीय योजनाओं से संबंधित आवेदन शामिल थे। जिला प्रशासन द्वारा समर्पित प्रयासों से इन आवेदनों को विभागवार वर्गीकृत कर सुराज अभियान के पोर्टल पर अपलोड किया गया है, और निराकरण की प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ जारी है। संबंधित आवेदनों की स्थिति की जानकारी भी हितग्राहियों को समयबद्ध रूप से दी जा रही है।

तीसरे चरण में शासन की प्राथमिकता आम जनता को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना है। समाधान शिविरों में हितग्राहियों को योजनाओं के आवेदन प्रपत्र प्रदान किए जाएंगे और पात्रता के अनुसार योजना से लाभ दिलाने की कार्यवाही भी की जाएगी। समाधान शिविरों में ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!