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शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ नौकरी पाना नहीं होना चाहिए,, खेल हो या पढ़ाई दोनो जरूरी है,, लेकिन कैरियर बनाने के लिए मेहनत जरूरी है।..विधायक ललित चंद्राकर 

परस साहू।

गुण्डरदेही। 

दुर्ग ग्रामीण विधानसभा अंतर्गत रिसाली सेक्टर, भिलाई स्थित शारदा विद्यालय (शकुंतला ग्रुप) के वार्षिक उत्सव “उमंग 2024” धूम – धाम से मनाया गया । विद्यार्थियों ने अद्वितीय और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों,दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग ग्रामीण विधायक व राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय विद्यालय प्राचार्य उमाशंकर मिश्रा और विशेष अतिथि शकुंतला ग्रुप डायरेक्टर संजय ओझा, प्राचार्य सुतापा सरकार, विपीन ओझा महामंत्री राजू जंघेल उपस्थित रहे।

ज्ञानदायिनी मां सरस्वती की छाया चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात स्कूल प्रबंधन समिति के द्वारा समस्थ अतिथियों का पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत अभिनंदन किया और मोमेंटो से सम्मानित किया गया।प्रतिभावान छात्र-छात्राओं बोर्ड परीक्षा में प्रथम, द्वितीय,तृतीय व विभिन्न प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों का शाला प्रबंधन की ओर से प्रतीक चिन्ह व चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया।

बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की अनुपम प्रस्तुति दी।स्वागत भाषण प्राचार्य सुतापा सरकार ने दिया और सभी अतिथियों व पालकगण का स्वागत अभिनंदन किया।संस्था के डायरेक्टर संजय ओझा ने संस्था का परिचय रखा इसकी स्थापना 2006 को हुआ था और चल रहे गतिविधियों को बारे में जानकारी प्रदान किया और बच्चों की उज्जवल भविष्य की कामना की ।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का हिस्सा बनकर छात्र- छात्राओं की उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए दुर्ग ग्रामीण विधायक व राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर ने कहा छात्र – छात्राएं लक्ष्य बनाकर पढ़ाई करे। समय का सदुपयोग करें। पढ़ाई में ध्यान दे। साथ ही छात्र छात्राओं के बेहतर भविष्य की कामना भी की। खेल हो या पढ़ाई दोनो जरूरी है। लेकिन कैरियर बनाने के लिए मेहनत जरूरी है। लगातार मन लगाकर पढ़ाई करें।

पढ़ाई के साथ साथ जीवन में व्यावहारिक ज्ञान का होना भी अति आवश्यक है, व्यवहारिक ज्ञान हमें जीवन जीने की कला सिखाती है और अपनी संस्कृति अपनी परंपरा से अवगत कराती है शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ नौकरी पाना नहीं होना चाहिए इसका उद्देश्य समुचित ज्ञान प्राप्त कर अपने जीवन में उतरकर लोगों को ज्ञान बांटने वाला और नौकरी देने वाला होना चाहिए जिससे आपके साथ-साथ दूसरों का भी भला होगा।

आगे विधायक ने कहा जब से हमारे देश में माननीय नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री बने हैं तब से शिक्षा के क्षेत्र में एक नई ऊंचाइयों को छुआ है उनकी सोच है हर गांव में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना शिक्षा के क्षेत्र में अलख जागते हुए नई शिक्षा नीति लागू किया गया नई शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है बल्कि उन्हें व्यवहारिक ज्ञान भी देकर उनकी मानसिक बौद्धिक क्षमता को और भी ज्यादा प्रबल बनाना है शिक्षा किसी भी देश और समाज के विकास की महत्वपूर्ण आधार होता है। शिक्षा के बलबूते ही किसी भी देश का विकास तेजी से किया जा सकता है।

हमें विकसित भारत संकल्पित भारत के सपना को साकार करते हुए हमें 2047 तक भारत को फ़िर से विश्वगुरु और सोने की चिड़िया बना है। आगे चंद्राकर ने स्कूल प्रबंध की काफी तारीफ करते हुए कहा कि यह संस्था बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही हैं छत्तीसगढ़ की परंपरा और हमारी संस्कृति के अनुरूप सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सबके मन को मोह लिया इस सफल आयोजन के लिए आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।

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