लीलाधर साहू
गुण्डरदेही।
*08 जनवरी को सीएम विष्णुदेव साय करेंगे करोड़ों के कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन,नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने ली पार्षदों की बैठक*
नगर पंचायत गुंडरदेही में आगामी 08 जनवरी को होने वाले माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रस्तावित प्रवास को लेकर नगर सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। बुधवार को नगर पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में परिषद की एक महत्वपूर्ण सामान्य बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा मुख्यमंत्री के हाथों होने वाले विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर था।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने बताया कि 08 जनवरी गुंडरदेही के विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री जी इस दौरान नगर की जनता को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। बैठक में विस्तृत चर्चा की गई कि किस प्रकार लोकार्पण और भूमिपूजन के कार्यक्रमों को भव्य रूप दिया जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।
*तैयारियों पर विस्तार से चर्चा*
मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) किरण पटेल ने बैठक में प्रशासनिक तैयारियों का खाका प्रस्तुत किया। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, स्टालों का निर्माण और हितग्राहियों को दी जाने वाली सामग्री के वितरण की प्रक्रिया पर सभी पार्षदों से सुझाव लिए गए। उपाध्यक्ष श्री विजय सोनकर ने कार्यकर्ताओं और आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में परिषद के सभी निर्वाचित पार्षदों ने एकजुट होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पार्षद पोषण बन्नूराम निषाद, हरीश निषाद, संतोष नेताम, लोकेश्वरी शंकर यादव, रामबती सोनकर, हेमंत सोनकर, सुल्ताना तिगाला, सलीम खान, हेमलता सोहन सोनी, पूजा बिंझेकर, शैल महोबिया, फैज बख्श, सेवक महिपाल और रोमलाल यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
*अध्यक्ष का संबोधन*
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने कहा— मुख्यमंत्री का गुंडरदेही आगमन हमारे लिए गौरव का विषय है। नगर पंचायत परिषद यह सुनिश्चित करेगी कि यह कार्यक्रम ऐतिहासिक हो। हम विकास कार्यों की लंबी सूची तैयार कर चुके हैं, जिससे आने वाले समय में गुंडरदेही की तस्वीर बदलेगी।”
मुख्य बिंदु:
* तिथि: 08 जनवरी 2026, गुरुवार।
* प्रमुख कार्यक्रम: लोकार्पण, भूमिपूजन और हितग्राही सामग्री वितरण।
* तैयारी: अटल परिसर और स्टालों का विशेष निरीक्षण।

