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“सौरभ लूनिया पर लगे आरोपों के खिलाफ दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट हुए पार्षद; वीरेंद्र साहू के बयानों की कड़ी निंदा”

लीलाधर साहू

गुण्डरदेही।

दल्ली राजहरा। नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा के वार्ड क्रमांक 07 के पार्षद वीरेंद्र साहू द्वारा भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लूनिया पर लगाए गए आरोपों को नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और शहर के भाजपा-कांग्रेस दोनों दलों के पार्षदों ने सिरे से खारिज कर दिया है। एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनप्रतिनिधियों ने इसे सौरभ लूनिया की छवि धूमिल करने की एक बड़ी राजनैतिक साजिश करार दिया।

विज्ञप्ति के मुख्य अंश:
नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू एवं उपाध्यक्ष मनोज दुबे ने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि पार्षद वीरेंद्र साहू पर हुआ हमला उनके वार्ड के निवासियों के साथ हुए व्यक्तिगत विवाद का परिणाम है, जिसे लेकर पुलिस ने पहले ही नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में सौरभ लूनिया का नाम घसीटना पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित और झूठा है।

भाजपा मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू, पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला अध्यक्ष श्याम जायसवाल और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा जिला महामंत्री ललित जैन ने भी इन आरोपों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि बिना किसी साक्ष्य के सार्वजनिक रूप से वरिष्ठ पदाधिकारी पर आरोप लगाना संगठन और नगर की शांति के लिए घातक है।

भाजपा मोर्चा प्रकोष्ठ के सभी अध्यक्षों ने भी महामंत्री सौरभ लूनिया के नाम को बदनाम करने की कड़ी निंदा कर पुलिस से इस मामले में जांच करने का निवेदन किया साथ ही यह मांग भी किया है। की यदि वीरेंद्र साहू का आरोप झूठा पाया पाया जाता है। तो वीरेंद्र साहू पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए। मांग करने वाले में मुख्य रूप से युवा मोर्चा अध्यक्ष सागर गानिर, पिछड़ा मोर्चा अध्यक्ष निर्मल पटेल, अल्प संख्यक मोर्चा अध्यक्ष मोटी छतवाल, अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष तरुण टंडन शामिल है।

भाजपा और कांग्रेस पार्षदों की एकजुटता:
इस प्रेस विज्ञप्ति की सबसे खास बात यह रही कि इसमें विचारधाराओं से ऊपर उठकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के पार्षदों ने हस्ताक्षर किए हैं। हस्ताक्षर करने वालों में प्रमुख रूप से पार्षद संजीव सिंह, तरुण, निर्मल पटेल, प्रमोद कुमार, मेवा पटेल, पुसई बाई, रेखा बाई सहारे, मालती निषाद, भूपेंद्र श्रीवास, शिवांगी, मोनिका, कालिन्द्री तिवारी, सुमरीत उर्वशा, मोइनुद्दीन राजा, पूनम सोरी, पवेन्द्र कुमार कोड़प्पा, प्रदीप बाघ और टी. ज्योति शामिल हैं।

प्रशासन से मांग:
सभी जनप्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से पुलिस प्रशासन से अपील की है कि वे इस मामले में किसी भी राजनैतिक दबाव में न आएं और वीरेंद्र साहू के भ्रामक बयानों की सूक्ष्मता से जांच करें। उन्होंने मांग की है कि यह भी जांच की जाए कि किसके उकसावे पर ऐसे निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं।

कुछ दिन पहले SDM ऑफिस में आबकारी विभाग की बैठक में वार्ड 7 के पार्षद वीरेंद्र साहू द्वारा बैठक के बीच में आबकारी विभाग के संबंध में चल रही चर्चा के बाहर की चर्चा प्रारंभ कर विषय को भटकाने का प्रयास किया जा रहा था जिस संबंध में जिला महामंत्री द्वारा उनको अधिकारियों के सामने मना किया गया तब वीरेंद्र साहू बिफर गए और अधिकारियों के सामने ही अनाप शनाप भाषा का उपयोग करने लगे और जब बैठक समाप्त हुई तब बाहर निकल कर गाली गलौज की गई जिससे कहा सुनी का माहौल बन गया।

उसके उपरांत उनके द्वारा जिला महामंत्री की शिकायत थाने में की गई और बाद में खुद ही नगर पालिका कार्यालय के सभागार में अपने द्वारा किए व्यवहार के लिए सभी पार्षदों के सामने खुद से जिला महामंत्री से माफी मांगी और अपने दिए आवेदन पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं चाहता ऐसा आवेदन भी दिया गया उनके द्वारा पुनः आपसी विवाद में जिला महामंत्री का नाम जोड़कर जो घटिया मानसिकता का परिचय दिया जा रहा है उसकी हम कड़ी निंदा करते है।

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