रायपुर , परस साहू
विश्वविद्यालय में सोनल का हुआ व्याख्यान.,, पास्को एक्ट और मानव तस्करी संबंधी जानकारी दिया,
रायपुर:- में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यशाला मैं (पास्को व मानव तस्करी) जैसे संवेदनशील विषय पर विशेषज्ञ/ रिसोर्स पर्सन के रूप में राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान स्थापित कर चुके छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग के पूर्व पीठासीन सदस्य सोनल गुप्ता जिन्होंने अपने प्रभावी कार्यकाल के दौरान पास्को जैसे अतिगंभीर विषय में दो दो बार सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली में आयोजित समीक्षा कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.
प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान विश्वविद्यालय परिसर/ भवन में बड़ी संख्या में विभिन्न विद्यालयों महाविद्यालयों के शिक्षक/ प्राध्यापक गण उपस्थित थे! गुप्ता ने अपने प्रशिक्षण उद्बोधन में फास्टर केयर, सपोर्ट पर्सन , दत्तक अभिकरण संस्थान, लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम 2012, और वर्ष 2016 में हुए संशोधन को विस्तारित रूप से परिभाषित किया! तथा पास्को- BNS 2023 के प्रावधानों का भी उल्लेख किया!
आगे गुप्ता ने कहा मानव तस्करी जैसे वैश्विक समस्या में छत्तीसगढ़ राज्य का रेटिंग क्या है और इसका बचाव कैसे संभव है इस पर प्रकाश डाला और बच्चों के प्रति बढ़ते हुए अपराध कैसे नगण्य हो. मानव तस्करी और नशा से बच्चे कैसे मुक्त हो. इस पर अपना अनुभव और ज्ञान साझा किया उपाय बताएं जिसे नियंत्रित हो सके परिस्थितियों. उन्होंने अपने प्रशिक्षण में इस बात पर भी जोर दिया कैसे बिना पद और शासकीय जवाबदेही के बिना भी आम इंसान कैसे बच्चों के उत्थान /संरक्षण और विकास में भूमिका निभा सकता है
इस पर गंभीरता से बल दिया! उपस्थित शिक्षकों प्राध्यापकों ने उनके मन में चल रहे बहुत से प्रश्नों का उत्तर भी गुप्ता से चाहा. जिस पर उन्होंने क्रमवार बहुत ही सरलता से उनका जवाब दिया ! तत्पश्चात विश्वविद्यालय एनएसएस परिवार के मुखिया आदरणीय गुरु गजपाल सर का हृदय से धन्यवाद किया! अंत में सारी टीम ने सोनल का स्मृति चिन्ह से सम्मान किया. उन्होंने कार्यक्रम की सफलता व प्रशिक्षण शिविर NSS कार्यक्रम अधिकारियों के आयोजित करने के लिए समस्त विश्वविद्यालय परिवार को अनेक बधाई दी.

