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बालोद में सुशासन का सशक्त उदाहरण: कलेक्टर दिव्या मिश्रा के नेतृत्व में योजनाएं पहुंच रही हैं अंतिम छोर तक।

लीलाधर साहू

गुण्डरदेही।

बालोद: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन और जनकल्याणकारी सोच को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में बालोद जिला प्रशासन निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। कलेक्टर दिव्या मिश्रा के कुशल नेतृत्व में जिले में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का कार्य गंभीरता और प्रभावशीलता के साथ किया जा रहा है।

प्रशासनिक पारदर्शिता और संवेदनशीलता-
कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने अपने प्रशासनिक दृष्टिकोण में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वे नियमित रूप से गांवों का दौरा करती हैं, ग्रामीणों की समस्याएँ सुनती हैं और मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करती हैं। इस पहल ने न केवल जनता का प्रशासन पर विश्वास बढ़ाया है, बल्कि संतुष्टि का भाव भी मजबूत किया है।

जनकल्याणकारी योजनाओं की सतत निगरानी-
बालोद जिले में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और रोजगार का लाभ सीधे कमजोर और जरूरतमंद वर्ग तक पहुँचाने के लिए प्रशासन सक्रिय रूप से काम कर रहा है। कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी पात्र हितग्राही को योजना के लाभ से वंचित नहीं रखा जाए। इसके लिए पंचायत स्तर तक टीमों का गठन किया गया है, जो नियमित सर्वे और फीडबैक लेती हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योजना का लाभ सही समय पर सही व्यक्ति तक पहुँच सके।

नवाचार और डिजिटल जागरूकता- प्रशासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नवाचार को भी प्रोत्साहित कर रहा है। डिजिटल माध्यमों और जनसंवाद कार्यक्रमों के जरिए आम जनता को योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इससे लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और वे स्वयं आगे आकर योजना का लाभ ले रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कलेक्टर दिव्या मिश्रा की कार्यशैली सरल, संवेदनशील और परिणामोन्मुखी है। उनका मानना है कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कलेक्टर के प्रयासों से कम हुई है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों ने प्रशासन के प्रति बढ़ते भरोसे और संतोष की भावना जताई है।

अन्य जिलों के लिए प्रेरणा-
बालोद जिले में कलेक्टर दिव्या मिश्रा के प्रयास अन्य जिलों के प्रशासन के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं। उनके नेतृत्व में लागू हो रही व्यवस्थाएं और योजनाओं के वितरण की प्रभावशीलता राज्य के अन्य हिस्सों में भी उदाहरण के रूप में देखी जा सकती हैं। स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प को बालोद जिले में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। कलेक्टर दिव्या मिश्रा के नेतृत्व में जिले में विकास की नई गति और प्रशासन-जनता के बीच बेहतर संवाद की मिसाल सामने आ रही है। इससे न केवल योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो रहा है, बल्कि प्रशासनिक सुशासन की नई इबारत भी लिखी जा रही है।

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