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परसतराई में गोंडवाना गोंड महासभा का अधिवेशन संपन्न, सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और समाज को सशक्त बनाने का संकल्प।

लीलाधर साहू

गुण्डरदेही।

*गुण्डरदेही/अर्जुन्दा :-* सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और जनजातीय अधिकारों के संकल्प के साथ ग्राम परसतराई में गोंडवाना गोंड महासभा का वार्षिक अधिवेशन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए वक्ताओं ने शिक्षा और संगठन की शक्ति पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गुण्डरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद उपस्थित रहे। अध्यक्षता जिला पंचायत बालोद की अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने की। विशिष्ट अतिथियों में जनपद उपाध्यक्ष नीतीश मोंटी यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र चंद्राकर, सरपंच गायत्री नेताम, तहसील अध्यक्ष सेवंत मंडावी, उपाध्यक्ष नंदनी नेताम, राजेश्वरी पोटा, टिकेंद्र कोर्राम, परिक्षेत्र अध्यक्ष नरेन्द्र सिंद्राम एवं पूर्व सरपंच छबिलाल कोर्राम सहित सामाजिक पदाधिकारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर विधायक कुंवर सिंह निषाद ने अपने संबोधन में समाज की एकजुटता की सराहना करते हुए कहा कि गोंडवाना समाज का इतिहास त्याग, तपस्या और जल-जंगल-जमीन की रक्षा का इतिहास है। आज के बदलते परिवेश में यह आवश्यक है कि हम अपनी गौरवशाली परंपराओं को संजोकर रखें, लेकिन साथ ही आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में भी हमारे युवा कीर्तिमान स्थापित करें। समाज की असली शक्ति उसके संगठन में है। जब समाज संगठित होता है, तभी विकास के द्वार खुलते हैं।

जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने मातृशक्ति और सामाजिक विकास पर केंद्रित विचार रखे किसी भी समाज की उन्नति उस समाज की महिलाओं और बच्चों की स्थिति से मापी जाती है। गोंडवाना महासभा ने जिस तरह अपनी सांस्कृतिक पहचान को बचाए रखा है, वह अनुकरणीय है। जिला पंचायत के माध्यम से हम ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना के साथ-साथ सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं। समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना ही हमारी प्राथमिकता है।

छ.ग. गोंडवाना गोंड महासभा तहसील अर्जुन्दा के अध्यक्ष सेवंत मंडावी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध और एकजुटता का आह्वान किया और कहा कि वार्षिक अधिवेशन आत्म-मंथन का अवसर है। हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति और पूर्वजों के मूल्यों से रूबरू कराना होगा। नशामुक्ति और शिक्षा को अपनाकर ही हम गोंडवाना के सुनहरे भविष्य की कल्पना कर सकते हैं। आज हमें संकल्प लेना होगा कि हम अपने सामाजिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे।

कार्यक्रम का शुभारंभ बूढ़ादेव की पूजा-अर्चना और सामाजिक ध्वजारोहण के साथ हुआ। स्थानीय कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सामाजिक पदाधिकारियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में सामाजिक बंधु, माताएं और युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने समाज हित में एकजुट रहने का संकल्प लिया।

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