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जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतो में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अमृत सरोवर में विविध जागरूकता एवं संरक्षण गतिविधियों का हुआ आयोजन।

परस साहू बालोद 

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतो के अमृत सरोवर स्थलों पर पर्यावरण संरक्षण एवं जल स्रोतों के सतत प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता एवं संरक्षण संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान अमृत सरोवर के आसपास सफाई एवं रखरखाव अभियान चलाया गया। इसके साथ ही जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, जैव विविधता संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।

गुरूर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कपरमेटा में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के अंतर्गत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जल संरक्षण, पर्यावरणीय स्थिरता तथा ग्रामीण परिसंपत्तियों के सृजन के महत्व पर भी जानकारी दी गई।

इस दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि अधिनियम के अंतर्गत जल संरक्षण, जल सुरक्षा, जलवायु अनुकूल विकास तथा टिकाऊ ग्रामीण अवसंरचना निर्माण से जुड़े कार्यों को विशेष प्राथमिकता प्रदान की गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। जिसके अंतर्गत आज ग्राम पंचायत कपरमेटा के मनरेगा कार्य स्थल पर चल रहे ट्रेन्च निर्माण कार्य में पौध रोपण एवं सीड बाल का रोपण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने का संदेश दिया। पर्यावरण और सरोवरों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया गया।

इसी तरह गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम डुडिया में अमृत सरोवर स्थल पर पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों के सतत प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए उसके आसपास के क्षेत्रों में, सफाई एवं रखरखाव अभियान, जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, जैव विविधता संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा जल एवं पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस का अभियान नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सतत् प्रयास और जनभागीदारी से वर्षा जल संचयन तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण किया जा सकता की जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारीरियों सहित ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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