परस साहू बालोद
विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर नव चेतना समाजसेवी संगठन के तत्वावधान में ग्राम सिवनी में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वृक्ष मित्रों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। नव चेतना समाजसेवी संगठन विगत कई वर्षों से प्रकृति प्रेम एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। गत वर्ष संस्था द्वारा 300 पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया।
वृक्षारोपण के पश्चात स्थानीय नागरिकों को पौधों के संरक्षण एवं देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिन जागरूक नागरिकों ने इस उत्तरदायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया, उन्हें इस वर्ष संस्था द्वारा “वृक्ष मित्र” सम्मान से अलंकृत किया गया। संस्था की संयोजिका पद्मिनी देवेंद्र साहू ने कहा कि सम्मान समारोह का मुख्य उद्देश्य समाज में प्रकृति के प्रति प्रेम, संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व की भावना का संचार करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से अन्य लोग भी प्रेरित होंगे तथा आगामी वर्षा ऋतु में व्यापक वृक्षारोपण अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाएंगे।
उन्होंने वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की शोभा ही नहीं बढ़ाते, बल्कि जीवन के आधार भी हैं। वृक्ष अल्पवृष्टि एवं अतिवृष्टि के प्रभावों को संतुलित करने, भूमि की उर्वरता बनाए रखने, मृदा अपरदन रोकने तथा प्राणवायु ऑक्सीजन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके माध्यम से फल, फूल, सब्जियाँ एवं औषधीय संसाधन प्राप्त होते हैं। वृक्षों की छाया वातावरण को शीतल बनाती है और भीषण गर्मी से राहत प्रदान करती है। हरित प्रकृति मानव मन को शांति, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।
उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से आग्रह किया कि यदि वृक्षारोपण करना संभव न हो, तो कम से कम लगाए गए वृक्षों की देखभाल अवश्य करें। वृक्षों की कटाई केवल पेड़ों का विनाश नहीं, बल्कि समाज से शांति, शीतलता, स्वास्थ्य, सहनशीलता, परोपकार, समृद्धि एवं सद्भाव जैसे अमूल्य मानवीय गुणों का क्षरण भी है। जितने अधिक वृक्ष कटेंगे, उतनी ही अशांति, तनाव और पर्यावरणीय संकट की संभावनाएँ बढ़ेंगी।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पद्मिनी देवेंद्र साहू, दुर्गा जोशी, डिलेश्वरी साहू, रीता पाठक, ज्योति पटेल, शशी प्रभा, वर्षा दुबे, सरिता साहू, रुक्मणी कोसरे, सुशीला गरिया , संजू अमादिया, कमलेश्वरी , तुलेश्वरी देवांगन अश्लेखा अमादिया, उमेश्वरी नेताम , सावित्री नेताम , मिलापा नेताम , नूतन यादव , फगिनी यादव, घना साहू सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।

