Skip to main content

PATRIKA24x7

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों से ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित हुए जिले के वीर जवान भोजराम साहू।

परस साहू बालोद

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर सराहना व्यक्त करते हुए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी

जिले के डौंडी विकासखंड के ग्राम ढोर्रीठेमा निवासी और असम राइफल्स के जवान भोजराम साहू को उनकी अदम्य वीरता और कर्तव्यपरायणता के लिए देश के प्रतिष्ठित नागरिक सैन्य सम्मान ‘शौर्य चक्र’ से नवाजा गया है। राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में 08 जून को आयोजित गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के वीर जवान भोजराम साहू की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सराहना व्यक्त की है। कलेक्टर मिश्रा ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए जवान भोजराम साहू की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें और उनके परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि वीर जवान भोजराम साहू के द्वारा वर्ष 2025 में मणिपुर के टेंगनौपाल क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान मातृभूमि की रक्षा के लिए जो अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय दिया है वह वास्तव में काबिले-तारीफ एवं अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि साहू द्वारा मातृभूमि की रक्षा के लिए एवं कर्तव्य परायणता के अतुलनीय कार्यों के फलस्वरूप उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों प्रतिष्ठित शौर्य चक्र से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हुआ है। उसके इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से संपूर्ण बालोद जिला गौरवान्वित हुआ है। कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने कहा कि जवान भोजराम ने अपनी बहादुरी से न सिर्फ छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है, बल्कि युवाओं के लिए देशभक्ति और प्रेरणा की एक मिसाल पेश की है।

उल्लेखनीय है कि असम राइफल्स के जवान भोजराम साहू को यह सम्मान वर्ष 2025 में मणिपुर के टेंगनौपाल क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में दिखाए गए अदम्य साहस के लिए मिला है। अभियान के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर घात लगाकर अचानक हमला कर दिया था। ऐसी अत्यधिक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच भोजराम ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। उन्होंने बेहद नजदीक से आतंकियों पर जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान उन्हें एक गोली भी लगी, लेकिन घायल होने के बावजूद वे पीछे नहीं हटे और अपनी जिम्मेदारी पर डटे रहे। उनके इस अदम्य साहस ने अभियान को सफल बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई। बालोद जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर देश के राष्ट्रपति भवन में शौर्य चक्र हासिल करने वाले भोजराम साहू की इस सफलता से पूरे जिले और छत्तीसगढ़ राज्य में हर्ष का माहौल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!