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ग्रामों में दीवार लेखन के माध्यम से ’ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026’ का किया जा रहा है व्यापक प्रचार-प्रसार।

परस साहू बालोद

सुप्रीम कोर्ट एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायतों द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ग्राम स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, स्वच्छता के महत्व तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत भवन, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन, हाट-बाजार, बस स्टॉप तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों की दीवारों पर स्वच्छता संबंधी प्रेरणादायक नारों का लेखन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दीवार लेखन के माध्यम से ग्रामीणों को घरों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में पृथक कर निर्धारित डस्टबिन में डालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही ’स्वच्छ गांव-स्वस्थ गांव’, ’कचरा अलग करें, पर्यावरण सुरक्षित करें’, गीला-सूखा कचरा अलग रखें जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

जनजागरूकता अभियान के दौरान 04 रंग के डस्टबिन की उपयोगिता के संबंध में भी जानकारी दी जा रही है। हरे रंग के डस्टबिन में गीला एवं जैविक कचरा, नीले रंग के डस्टबिन में सूखा एवं पुनर्चक्रण योग्य कचरा, लाल रंग के डस्टबिन में सैनिटरी एवं घरेलू चिकित्सा अपशिष्ट तथा पीले रंग के डस्टबिन में विशेष अथवा हानिकारक कचरा संग्रहित करने की जानकारी ग्रामीणों को दी जा रही है। इससे कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, पुनर्चक्रण एवं सुरक्षित निपटान को बढ़ावा मिलेगा। स्वच्छता दीदियों, महिला स्व-सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम स्तरीय कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर संपर्क कर लोगों को कचरा पृथक्करण की प्रक्रिया समझाई जा रही है। साथ ही ग्राम सभाओं, स्कूलों एवं सामुदायिक बैठकों के माध्यम से स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की जानकारी प्रदान की जा रही है।

जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों में कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करें तथा निर्धारित डस्टबिन का ही उपयोग करें। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही स्वच्छ, सुंदर एवं प्रदूषण मुक्त ग्रामों का निर्माण संभव है। जिससे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के सफल क्रियान्वयन से ग्रामों में स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा जनस्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार आएगा।

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