परस साहू बालोद
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर म अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशानुसार आज दिनांक 09.06.2026 को पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला द्वारा रायपुर स्थित समस्त बैंकों के नोडल अधिकारियों की बैठक यातायात कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई।
उक्त बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) गौरव मण्डल एवं अनुज तथा सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम एवं साइबर) संजय सिंह एवं नरेश पटेल उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त विभिन्न बैंकों के लगभग 50 नोडल अधिकारी बैठक में सम्मिलित हुए।
*बैठक में निम्न बिंदुओं पर चर्चा की गई -*
ऑनलाइन ठगी का शिकार होकर बैंक में आने वाले प्रार्थियों को अन्य स्थानों पर भेजने के बजाय टोल-फ्री नंबर 1930 पर कॉल करने अथवा साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने हेतु प्रेरित किया जाए। साथ ही बैंक परिसर में साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 का प्रचार-प्रसार एवं प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाए।
बैंक में नया खाता खोलने हेतु आने वाले आवेदकों का भौतिक सत्यापन किया जाए। इसके लिए मोबाइल कॉल अथवा संदेश के माध्यम से पंजीकृत मोबाइल नंबर का सत्यापन किया जाए।
कॉर्पाेरेट खाता खोलते समय आवश्यक सत्यापन किया जाए तथा 15 दिवस पश्चात पुनः दिए गए पते पर जाकर सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
बैंक परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने संबंधी सूचना स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। साथ ही बैंक के प्रवेश द्वार एवं पिछले हिस्से में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए गए।
संदिग्ध लेन-देन (Suspicious Transactions) के संबंध में बैंकों द्वारा की जाने वाली कार्यवाही पर विस्तृत चर्चा की गई।
डिमांड ड्राफ्ट का सत्यापन करने के उपरांत ही राशि का अंतरण (ट्रांसफर) किए जाने के निर्देश दिए गए।
बैंक खाता खोलते समय गारंटर की व्यवस्था का उपयोग किए जाने पर बल दिया गया।
चौथे स्तर के पश्चात वितरित राशि (Distributed Amount) का सत्यापन कर आवश्यकतानुसार राशि होल्ड करते हुए बैंक खाते को सक्रिय रखने के संबंध में चर्चा की गई।
प्रत्येक बैंक में विधिक (लीगल) कार्यों हेतु एक अधिकारी नामित करने तथा लीगल विभाग के लिए एक स्थायी मोबाइल नंबर जारी करने के निर्देश दिए गए, जिससे अधिकारी के स्थानांतरण की स्थिति में कार्य प्रभावित न हो।
बैंक में बार-बार खाते खुलवाने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उनकी जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
पुलिस द्वारा मांगी गई जानकारी तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, जिससे प्रकरणों की अग्रिम विवेचना एवं कार्यवाही में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
बैठक में बैंक अधिकारियों को पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर नवीन कार्ययोजना तैयार करने, ठगी सहित अन्य अपराधों की रोकथाम हेतु सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान करने, अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा पीड़ितों की राशि यथाशीघ्र वापस कराने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने संबंधी विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

