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रायपुर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा संचालित नशे के विरुद्ध बहुआयामी अभियान के तहत बड़ी सफलता।

परस साहू बालोद 

*मादक पदार्थ तस्कर रूपिन्दर सिंह उर्फ पिन्दर उर्फ पाबलो की 15 लाख रूपये कीमत की संपत्ति सफेमा के तहत् फ्रीज (सीज)*

रायपुर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा संचालित नशे के विरुद्ध बहुआयामी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) के अधीन SAFEMA/NDPS Act के सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, मुंबई ने मादक पदार्थ तस्कर *रूपिन्दर सिंह उर्फ पिन्दर उर्फ पाबलो, पिता मंजीत सिंह, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम जौरा, तहसील पट्टी, जिला तरणतारण (पंजाब), वर्तमान पता वीर सावरकर नगर, एल.आई.जी.-251, हीरापुर, थाना कबीर नगर, रायपुर की लगभग 15 लाख रुपये मूल्य* की चल संपत्ति को फ्रीज (सीज) करने के आदेश की पुष्टि कर दी है। यह आदेश नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस अधिनियम, 1985 (NDPS Act) की धारा 68 एफ (2) के अंतर्गत जारी किया गया है।

मुख्य आरोपी रूपिन्दर सिंह उर्फ पिन्दर उर्फ पाबलो के विरुद्ध थाना कबीर नगर में अपराध क्रमांक 190/2025, धारा 21(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट, धारा 111 बीएनएस तथा धारा 25 एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही की गई थी। विशेष एनडीपीएस न्यायालय, रायपुर ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया है।

न्यायालय से दोषसिद्धि के उपरांत एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोपी द्वारा मादक पदार्थों के अवैध व्यापार से अर्जित संपत्तियों की वित्तीय जांच प्रारंभ की गई। जांच के दौरान अपराध की तिथि से पूर्व अर्जित संपत्तियों का परीक्षण किया गया तथा आरोपी एवं उसके परिजनों के नाम पर दर्ज विभिन्न चल एवं अचल संपत्तियों की जानकारी एकत्रित की गई।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी के नाम पर पंजीकृत *शेवरले क्रूज़ कार क्रमांक सी एच-01- ए के-2424 जिसकी अनुमानित कीमत 05 लाख रुपये है तथा महिन्द्रा थार वाहन क्रमांक सी एच-04-एम एन-9007 जिसकी अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये है कुल 15 लाख रुपये मूल्य* की संपत्तियां उपलब्ध पाई गईं। इन संपत्तियों का मूल्य आरोपी द्वारा घोषित आय एवं उपलब्ध वित्तीय जानकारी की तुलना में अधिक पाया गया। साथ ही यह संदेह भी प्रबल हुआ कि इन संपत्तियों का अर्जन मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से प्राप्त धनराशि से किया गया है। इसके पश्चात पुलिस द्वारा विस्तृत वित्तीय जांच, दस्तावेजों के परीक्षण एवं साक्ष्यों के आधार पर उक्त संपत्तियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत फ्रीज़ करने हेतु प्रकरण SAFEMA@NDPS Act के सक्षम प्राधिकारी, मुंबई को प्रेषित किया गया।

सुनवाई के दौरान आरोपी एवं उसके परिजनों को नोटिस जारी कर संपत्तियों के वैध स्रोत संबंधी जानकारी प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, किंतु निर्धारित अवधि में वे संपत्तियों के वैध स्रोत के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके पश्चात सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक SAFEMA@NDPS Act मुंबई ने दिनांक 05 जून 2026 को संपत्तियों को फ्रीज़ करने के आदेश की पूर्ण पुष्टि कर दी।

कार्यवाही के अंतर्गत लगभग 15 लाख रुपये मूल्य के उक्त दोनों चारपहिया वाहन शामिल हैं। सक्षम प्राधिकारी के आदेशानुसार अब इन संपत्तियों को बिना पूर्व अनुमति किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित, विक्रय अथवा किसी भी प्रकार से उपयोग नहीं किया जा सकेगा। प्रकरण में संबंधित पक्षों को संपत्तियों के वैध आय स्रोत के संबंध में आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे। यदि संपत्तियों का वैध स्रोत सिद्ध नहीं हो पाता है, तो विधि अनुसार आगे की कार्रवाई करते हुए इन्हें स्थायी रूप से जब्त कर शासन के पक्ष में समाहित किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) के अधीन SAFEMA@NDPS Act के सक्षम प्राधिकारी का दायित्व गंभीर आर्थिक अपराधों, तस्करी एवं एनडीपीएस मामलों में अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को फ्रीज़, सीज़ एवं जब्त करना है। छत्तीसगढ़ शासन एवं पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार रायपुर कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में रायपुर पुलिस द्वारा नशे के विरुद्ध व्यापक एवं सतत अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत एनडीपीएस प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी, वित्तीय जांच, संपत्ति संबंधी कार्रवाई, PIT&NDPS के तहत निरोधात्मक कार्रवाई तथा मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त करने के प्रयास लगातार जारी हैं।

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