परस साहू बालोद
*गुण्डरदेही। रिपोर्टर: लीलाधर साहू*
ब्लॉक के ग्राम भांठागांव बी में तीन दिवसीय देव शुद्धिकरण और पूजा अनुष्ठान शांति-भक्ति के साथ संपन्न हुआ। ग्रामीणों के कई प्रयासों के बाद उड़ीसा से प्रसिद्ध सिरहा वासुदेव महाराज 22 जून सोमवार शाम 5:30 बजे गांव पहुंचे। पटाखे और फूलमालाओं से भव्य स्वागत कर उन्हें पैदल ग्राम में लाया गया।
अनुष्ठान के दौरान पूरे गांव में तीन दिन तक काम-धाम बंद रहा। शराब और मांस-मदिरा पर पूर्ण पाबंदी लगाई गई। महाराज ने दोपहर 2 बजे बिरेतरा तालाब की मेड़ पर खुदाई कर ‘बट लोही’ निकाली और उसे लाल कपड़े में बांधकर शीतला मंदिर प्रांगण में रखा। तीन दिनों तक लगातार पूजा-अर्चना चलती रही।
चौथे दिन शाम 4 बजे ग्रामीणों की उपस्थिति में शीतला मंदिर के पास बटलोही खोली गई। अंदर मिट्टी से लिपटी चार सफेद गोल और तीन काली ‘अन्य कुवांरी’ निकलीं। जल से शुद्ध कर उन्हें दूध में रखा गया। इस दृश्य को देखने आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग उमड़े।
वासुदेव महाराज ने बताया कि जिस गांव में अन्य कुवांरी निकलती है, वहां धन-धान्य, सुख-समृद्धि और भंडार भरा रहता है। सरपंच दोषण साहू ने कहा कि 40 से 45 साल से सिर्फ चर्चा सुनते थे, आज गांव का सौभाग्य है कि पूजा सफल हुई। वर्षों पुरानी समस्या दूर होने से ग्रामीणों में भारी उत्साह है।
इस आयोजन में ग्राम पंचायत, ग्रामीण समिति और समस्त ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार व्यक्त किया गया। उक्त जानकारी ग्राम पंचायत सरपंच दोषण साहू, उपसरपंच यशोदा निषाद, ग्रामीण अध्यक्ष पुरुषोत्तम साहू, प्रीतम ठाकुर लीकेश साह, खेदुराम साहू ने दी है।

