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बालोद जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बचाई मासूम की जान, टंकी में डूबने से गंभीर हुए 1 वर्षीय बालक को मिला नया जीवन।

परस साहू बालोद

बालोद। जिला चिकित्सालय बालोद के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी तत्परता और कुशल चिकित्सा का परिचय देते हुए एक मासूम बच्चे को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया है। घर में पानी की टंकी में डूबने से गंभीर रूप से बीमार हुए एक वर्षीय बालक को डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बाद पूरी तरह स्वस्थ कर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

घर में खेलते समय हुआ था हादसा मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम कमरौद (बालोद) निवासी हेमराज के 1 वर्षीय पुत्र कुणाल के साथ बीती 26 जून 2026 को एक दर्दनाक हादसा हो गया। बालक कुणाल घर में खेलते-खेलते अचानक पानी की टंकी में डूब गया। जब तक परिजनों की नजर पड़ी, बच्चा पानी में पूरी तरह डूब चुका था और उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी।

सिविल सर्जन की देखरेख में तुरंत शुरू हुआ इलाज परिजन बिना समय गंवाए अत्यंत गंभीर हालत में मासूम को लेकर जिला चिकित्सालय बालोद पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. रविन्द्र कुमार श्रीमाली ने तुरंत मोर्चा संभाला। डॉ. श्रीमाली और उनकी इमरजेंसी मेडिकल टीम ने बिना देर किए बच्चे का प्राथमिक व जीवन रक्षक इलाज शुरू किया। स्थिति नियंत्रित होने के बाद बालक को अस्पताल के पीडियाट्रिक (बाल रोग) वार्ड में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की चौबीसों घंटे निगरानी में उसका सघन उपचार किया गया।

3 दिनों के सफल इलाज के बाद मिली छुट्टी डॉक्टरों की कड़ी मेहनत और सही इलाज का असर रंग लाया। महज तीन दिनों के भीतर बालक की सेहत में तेजी से सुधार हुआ। 29 जून 2026 को बालक कुणाल को पूर्ण रूप से स्वस्थ घोषित करते हुए अस्पताल से सफलतापूर्वक डिस्चार्ज (छुट्टी) कर दिया गया।

परिजनों ने जताया आभार: बच्चे को सही-सलामत वापस पाकर हेमराज और उनके पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मरीज के परिजनों ने जिला चिकित्सालय बालोद की त्वरित व्यवस्था, डॉक्टरों की संवेदनशीलता और अस्पताल में मिलने वाली बेहतर सुविधाओं के लिए सिविल सर्जन डॉ. रविन्द्र कुमार श्रीमाली व समस्त स्टाफ का सहृदय आभार व्यक्त किया है। स्थानीय लोगों ने भी डॉक्टरों के इस जीवन रक्षक कार्य की जमकर सराहना की है।

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