परस साहू बालोद
जिले के गुरुर विकासखंड के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़भूम परिसर में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई की जानकारी मिलने पर कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्काल जांच कर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश के बाद विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी गुरुर द्वारा 02 जुलाई 2026 को विद्यालय परिसर का आकस्मिक और विस्तृत निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान मौके पर पेड़ों की कटाई किए जाने की बात पूरी तरह सच और प्रमाणित पाई गई। जांच में तथ्य सामने आया कि पेड़ों की अवैध कटाई के लिए बाकायदा 23 अप्रैल 2026 को शाला विकास समिति की एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में प्रस्ताव पारित कर पेड़ों को काटने का अनुमोदन कराया गया। कार्य को अंजाम देने के लिए शाला विकास समिति के अध्यक्ष जीवन लाल उईके एवं सदस्य निर्मला उईके को प्रभारी बनाया गया था।
इस पूरी प्रक्रिया में माध्यमिक स्तर के प्रधान पाठक और शाला विकास समिति के सचिव डोमर सिंह निषाद की मुख्य भूमिका रही, जिनकी देखरेख में यह अवैध कार्य कराया गया। नियमानुसार पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग या राजस्व विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी गुरुर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 3 जुलाई 2026 को गुरुर थाना प्रभारी को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर दोषियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया है। इसके साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने और पदीय कर्तव्यों के दुरुपयोग के मामले में संबंधित प्रधान पाठक डोमर सिंह निषाद एवं अन्य संलिप्त कर्मचारियों के निलंबन हेतु उच्चाधिकारियों को औपचारिक अनुशंसा भेज दी गई है।

