Skip to main content

PATRIKA24x7

जिले के राजस्व अधिकारियों को दिया गया एग्रीस्टैक बैकेटिंग एवं नजूल पट्टाधृति अधिनियम 2023 के संबंध में कलेक्टर मिश्रा ने एग्रीस्टैक पोर्टल में किसानों का शत प्रतिशत पंजीयन कराने के दिए निर्देश।

परस साहू बालोद

जिले के राजस्व अधिकारियों को आयुक्त भू अभिलेख कार्यालय के प्रशिक्षकों के द्वारा एग्रीस्टैक बैकेटिंग के संबंध में वर्चुअल प्रशिक्षण दिया गया। संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज जिले के राजस्व अधिकारियों ने वर्चुअल प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस मौके पर कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

इसके साथ ही आज अपर कलेक्टर अजय किशोर लकरा ने एनआईसी कक्ष में राजस्व अधिकारियों को नजूल पट्टाधृति अधिनियम 2023 के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया। इस दौरान कलेक्टर मिश्रा ने सभी राजस्व अधिकारियों को एग्रीस्टैक पोर्टल में जिले के शत प्रतिशत किसानों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए। इसके लिए उन्होंने इसका समुचित प्रचार-प्रसार भी करने को कहा। इस मौके पर अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक एवं नूतन कंवर सहित जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

इस दौरान आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय रायपुर के प्रशिक्षकों ने एग्रीस्टैक बैकेटिंग के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि एग्रीस्टैक भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया कृषि क्षेत्र का एक डिजिटल इकोसिस्टम (पहचान पत्र) है। इसमें हर किसान को एक विशिष्ट किसान आईडी दी जाती है, जो उनके आधार कार्ड, बैंक खाते और जमीन के रिकॉर्ड (खेत का ब्यौरा) को एक साथ जोड़ती है।

उन्होंने एग्रीस्टैक से जुड़े मुख्य बिंदुओं के संबंध जानकारी देते हुए बताया कि एग्रीस्टैक आईडी के माध्यम से पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और खाद, बीज सब्सिडी का पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुँचता है। किसानों को हर सरकारी सुविधा के लिए बार-बार कागज (खसरा-खतौनी) जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि सारा डेटा डिजिटल होता है। बैंकों को किसानों की जमीन और फसल की सटीक जानकारी मिलने से किसान क्रेडिट कार्ड और कृषि ऋण मिलना आसान हो जाता है। किसान अपने खेत और पहचान का एग्रीस्टैक पंजीयन कराने हेतु अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जा सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!