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धान की रोपाई में आधुनिकता का समावेश: पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से किसानों को मिली बड़ी राहत।

परस साहू बालोद

जिले में आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पारंपरिक खेती के तरीकों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भरदाकला के सरपंच क्रांति भूषण साहू ने अपने खेतों में पैडी ट्रांसप्लांटर (धान रोपने वाली मशीन) का उपयोग शुरू किया है, जो क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया है। लगभग 35 से 40 एकड़ भूमि पर खेती करने वाले साहू ने इस वर्ष अपने 10 से 12 एकड़ के रकबे में इस आधुनिक मशीन के माध्यम से धान की रोपाई का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया है।

उन्होंने बताया कि पहले जहां पारंपरिक रूप से मजदूरों द्वारा रोपाई करने में 20 से 25 दिनों का लंबा समय लग जाता था, वहीं इस मशीन की मदद से यह काम बेहद कम समय में और सटीक तरीके से पूरा हो रहा है। पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से पौधे एक निश्चित दूरी और एकदम सीधी कतारों में रोपे जाते हैं, जिससे फसल की वृद्धि बेहतर होती है और बाद में निंदाई करने में आसानी होती है। कृषि सीजन में अक्सर मजदूरों की भारी किल्लत का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह तकनीक किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रही है।

साहू का मानना है कि शुरुआत में नर्सरी तैयार करने के लिए ट्रे और अन्य संसाधनों की व्यवस्था करने में थोड़ा अतिरिक्त खर्च जरूर आता है, लेकिन लंबी अवधि और बड़े पैमाने पर खेती के लिए यह तकनीक बेहद किफायती है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मजदूरों की बढ़ती समस्या और समय की कमी को देखते हुए, खेती में मशीनीकरण को अपनाना ही एकमात्र विकल्प है। धान की रोपाई के लिए पैडी ट्रांसप्लांटर का उपयोग सबसे बेहतरीन और लाभकारी तरीका है। इस आधुनिक बदलाव से न सिर्फ किसानों की मेहनत कम हो रही है, बल्कि समय पर रोपाई होने से पैदावार में भी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में क्षेत्र के अन्य किसान भी अब इस तकनीक को समझने और अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।

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