गुण्डरदेही।
बालोद एंकर,, आपने एक बात सुनी होगी की मेहनत का फल कभी भी वयर्थ नहीं जाता मजदूर पहाड़ को खोद कर रास्ता बना लेता है
जी हां हम बात कर रहे है बालोद जिला के ग्राम मेडकी निवासी धनराज साहू जिसको बचपन से ही खेती किसानी से लगाव रहा है
सन 1988 में जनपद पंचायत में नौकरी करने के बाद माह दिसंबर 2023 में रिटायरमेंट होने के बाद भी किसानी के प्रति उनका जुनून आज भी देखने को मिलता है
अक्सर लोग रिटायरमेंट होने के बाद पार्क,या चौक चौराहा में जाकर गप्पे लड़ाते नजर आते है पर यह सक्स आज भी बालौद से 40 कि,मी,की दूरी पार कर डोंडी ब्लॉक के ग्राम थेमा बुजुर्ग में 6 एकड़ की जमीन जो ईट भट्टा संचालन के चलते बंजर पड़ी हुई थी उसे खरीद कर और जिला प्रशासन के सहयोग से उस जमीन को कृषि योग्य बना दिया जिसमें वह चना, गेहूं ,
अरहर ,व धान की फसल लगाए हैं और कुछ जगहों पर फलदार वृक्ष भी लगाए हैं जिससे वहां का नजारा अलग ही दिख रहा है
इन्होंने बताया कि कृषि विभाग से वर्मी कंपोस्ट टाका निर्माण के लिए 8 हजार रु का अनुदान भी प्राप्त हुआ बाकी लगभग 10 लाख रु, मैं स्वयं के पैसे से खर्च कर इस जगह को हरियाली में बदल दिया हु इनका मानना है
कि लोग हमारे देश को कृषि प्रधान तो कहते हैं मगर आज के शिक्षित युवा पीढ़ी पड़ लिखकर बेरोजगार घूम रहे हैं अगर कृषि पर ध्यान दे तो हमें दूसरे के यहां नौकरी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी ,,,

