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वन्दे मातरम् की 150 वीं वर्षगांठ पर विश्वविद्याल स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुए विधायक ललित चंद्राकर

यह आयोजन केवल गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रप्रेम और स्वाभिमान के भाव को फिर से जीवित करने का अवसर

लीलाधर साहू 

बालोद।

आज बी.आई.टी. कॉलेज, दुर्ग के ऑडिटोरियम हॉल में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई द्वारा वंदेमातरम् की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित विश्वविद्यालय स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर जी सम्मिलित हुए।कार्यक्रम का शुभारंभ मां ज्ञानदायानी सरस्वती के तैल चित्र माल्यारोपण कर विधिवत् पूजा अर्चना किया और राजकीय गीत के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया छात्र छात्राओं ने स्वागत गीत की अनुपम प्रस्तुति प्रदान किया। विभिन्न कॉलेजों के छात्र छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की अनुपम प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान छात्र–छात्राओं ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, कला और सृजनशीलता का प्रेरणादायक प्रदर्शन किया। विभिन्न प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रतीक चिन्ह के साथ पुरुस्कृत किया गया।दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने अपने संबोधन में कहा वन्दे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ का यह गौरवशाली अवसर हमारे आत्मगौरव, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का अद्वितीय क्षण है।

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी द्वारा रचित यह अमर मंत्र भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा बनकर उभरा। स्वदेशी आंदोलन से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन तक, हर निर्णायक मोड़ पर इस उद्घोष ने असंख्य क्रांतिकारियों के भीतर त्याग, एकता और राष्ट्रधर्म की ज्वाला प्रज्वलित की। वन्दे मातरम्, वास्तव में, ‘भारत माता की जय’ के शाश्वत संकल्प और हमारी राष्ट्रीय आस्था का सर्वोच्च प्रतीक है।

आगे श्री चंद्राकर ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश “विकसित भारत” के महाअभियान की ओर सुदृढ़ गति से बढ़ रहा है। वन्दे मातरम् का यह अनंत राष्ट्र-प्रेम हमें ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना और सामूहिक संकल्प के साथ नये भारत के निर्माण हेतु प्रेरित कर रहा है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा इस 150वीं वर्षगांठ को राष्ट्रव्यापी जन-उत्सव के रूप में मनाया जाना, इसी गौरवशाली विरासत को जन-जन तक पहुँचाने का एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है।इस ऐतिहासिक अवसर पर हम सब यह संकल्प लें कि वन्दे मातरम् की यह अक्षय ऊर्जा हमारे कर्म, चरित्र और राष्ट्रसेवा की दिशा को निरंतर प्रकाशित करती रहे और हम ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र–छात्राएँ, शिक्षकगण एवं विभिन्न विभागों के गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे और अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा में वृद्धि की।

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