लीलाधर साहू
गुण्डरदेही।
ग्राम देवरी (क) में तीन दिवसीय श्रद्धा संवर्धन आत्म शांति ,आत्म कल्याण पांच कुंडी गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा का आयोजन किया गया। प्रथम दिवस भव्य कलश यात्रा निकाली गई । शीश पर कलश रखकर संकीर्तन कर मातृ शक्ति ने पवित्र जल लाई। दीप प्रज्वलन भूतपूर्व सैनिकों के कर कमल से संपन्न हुआ ।तत्पश्चात यज्ञ का आध्यात्मिक एवं भौतिक पक्ष को कथावाचक ने विस्तार पूर्वक बताया। आरती के साथ प्रथम दिवस का कार्यक्रम संपन्न हुआ। द्वितीय दिवस वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ देव वाहन कर यज्ञ प्रारंभ हुआ। तत्पश्चात पावन प्रज्ञा पुराण कथा सुनाया गया। कथा के माध्यम से उपासना साधना ,आराधना को चिंतन, चरित्र एवं व्यवहार में लाने से जीवन सफल बनता है बताया गया।
मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है इस तथ्य को उदाहरण सहित समझाया । संध्याकालीन बेला में दीपयज्ञ से वातावरण भक्तिमय हो गया। अंतिम दिवस यज्ञ एवं विभिन्न संस्कार 4 मुंडन, 21 दीक्षा , 14विद्यारंभ, 3पुंसवन एवं एक अन्नप्राशन संस्कार निशुल्क कराए गए। पुंसवन संस्कार के महत्व को बताते हुए कथावाचक ने कहा श्रेष्ठ आत्माओं को पैदा करने के लिए पुंसवन संस्कार आवश्यक है।यज्ञ पूर्णाहुति प्रदान कर सबके उज्जवल भविष्य, दिवंगतों की आत्मा को शांति एवं कल्याण की प्रार्थना की गई। स्मृति चिन्ह भेंट टोली विदाई एवं कार्यकर्ताओं को सम्मान किया गया। गांव के समस्त नागरिकों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था रखी गई।
आकर्षण का केंद्र_ कलश यात्रा में भूतपूर्व सैनिकों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को सफल बनाने में इनका रहा योगदान सरपंच नूजकुमारी देशमुख विमल साहू, टेकराम,महेंद्र साहू, देवेंद्र साहू, अशोक कुमार राज, भगवती ठाकुर, सुमन चंद्राकर, दिलीप चंद्राकर ,रोहिणी साहू, नीता साहू ,ललिता राज, हिंसाराम साहू ,दुबे दास मानिकपुरी ,गजेंद्र साहू , लहुरमन देशमुख, योगेश कुमार मंडावी, भूषण साहू ,मिलन साहू शेखर साहू , ढलसिंह राज देशमुख गोवर्धन, चंद्राकर देवधर राज, किशोर सेन, दयालु पारकर, नेहरू लाल चंद्राकार ललिता साहू सुखुराम देशमुखआदि।

