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जिला केंद्रीय बैंक के नवनियुक्त उपाध्यक्ष नरेश यदु का बालोद में भव्य स्वागत, धान खरीदी और उठाव की स्थिति पर ली बैठक।

लीलाधर साहू

गुण्डरदेही।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष नरेश यदु के प्रथम आगमन पर बालोद नोडल अधिकारी कार्यालय में उनका पुष्पगुच्छ के साथ भव्य स्वागत किया गया। पदभार ग्रहण करने के बाद श्री यदु एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने तत्काल नोडल अधिकारी और विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में चल रहे धान खरीदी महाअभियान की समीक्षा की।
*धान उठाव की धीमी गति पर जताई चिंता, कलेक्टर से करेंगे चर्चा*

बैठक के दौरान नरेश यदु ने धान उपार्जन केंद्रों में धान की सुरक्षा, उठाव की वर्तमान स्थिति और संग्रहण केंद्रों (डंपिंग यार्ड) की क्षमता पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने पाया कि जिले में धान का उठाव उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रहा है। इस पर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वे जल्द ही कलेक्टर महोदय और डीएमओ (DMO) से मुलाकात कर इस समस्या का समाधान निकालेंगे।

*आंकड़ों में बालोद जिले की स्थिति*
नोडल अधिकारी चिंताराम रावटे ने बैठक में जिले की वर्तमान स्थिति का ब्यौरा पेश किया:
* कुल लक्ष्य: जिले में कुल 75 लाख क्विंटल धान खरीदी का अनुमान है।
* अब तक खरीदी: लगभग 38 लाख क्विंटल धान खरीदा जा चुका है।
* शेष समय: धान खरीदी के लिए अब मात्र 21 दिन शेष बचे हैं।
* मिलर्स की भागीदारी: करीब 57 मिलर्स ने एग्रीमेंट किया है, जिन्होंने अब तक 8 लाख क्विंटल धान का उठाव किया है।
* समितियों में स्टॉक: वर्तमान में विभिन्न सेवा सहकारी समितियों में लगभग 29 लाख क्विंटल धान उठाव के इंतजार में पड़ा है।
*ट्रांसपोर्टर्स को कड़ी चेतावनी, रोस्टर प्रणाली लागू करने के निर्देश*
नरेश यदु ने परिवहन की समीक्षा करते हुए बताया कि प्रतिदिन 60,000 क्विंटल धान के उठाव का लक्ष्य होना चाहिए, लेकिन वर्तमान में केवल 20 से 25 हजार क्विंटल ही उठाया जा रहा है। उन्होंने डीएमओ को निर्देशित किया कि:
* ट्रांसपोर्टिंग बढ़ाएं: ट्रांसपोर्टरों को स्पष्ट निर्देश दें कि वे संग्रहण केंद्रों और समितियों से क्षमता के अनुरूप गाड़ियां लगाएं।

* रोस्टर पद्धति: किस सोसाइटी से कितना धान कब उठना है, इसकी एक विस्तृत लिस्ट (रोस्टर) तैयार की जाए।
* चिन्हित समितियां: चिल्हाटी, कलंगपुर और पापरा जैसी समितियों में जगह की भारी कमी है, वहां से प्राथमिकता के आधार पर धान का परिवहन किया जाए ताकि किसानों को असुविधा न हो।

*संग्रहण केंद्रों का हाल*
अधिकारियों ने बताया कि जिले में कुल 4 संग्रहण केंद्र हैं, जिनमें से वर्तमान में केवल 2 केंद्रों पर ही धान की ट्रांसपोर्टिंग सक्रिय है। यदु ने इसे पर्याप्त नहीं माना और मिलर्स से भी अपील की कि वे अपनी उठान क्षमता को बढ़ाएं ताकि अंतिम 21 दिनों में लक्ष्य को सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।

इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन और जीतू विश्वास गुप्ता सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बैंक के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में यदु ने स्पष्ट किया कि किसानों का एक-एक दाना धान सुरक्षित उठाना और उन्हें समय पर भुगतान दिलाना उनकी प्राथमिकता है।

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