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कलेक्टर नम्रता जैन के नेतृत्व में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से जुड़कर युवाओं को मिला रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण और नया भविष्य।

परस साहू संस्थापक

गोलू मरकाम नारायणपुर,, की खास रिपोर्ट।

*पुनर्वास केन्द्र के आत्मसमर्पित माओवादियों को आत्मनिर्भरता की राह पर लाने प्रशासन की ठोस पहल*

नारायणपुर, 04 जनवरी 2026 // कलेक्टर नम्रता जैन की दूरदर्शी सोच, संवेदनशील दृष्टिकोण एवं त्वरित प्रशासनिक पहल से पुनर्वास केन्द्र में निवासरत युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की एक नई और सशक्त शुरुआत हुई है। यह पहल न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन, स्थायी आजीविका एवं सुरक्षित भविष्य प्रदान करने की दिशा में भी एक प्रभावी प्रयास है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत जिला नारायणपुर में संचालित पुनर्वास केन्द्र के युवाओं को उनकी रुचि, योग्यता, दक्षता एवं भविष्य की रोजगार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए रोजगारोन्मुखी मुखयमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा गया है। इस योजना का उद्देश्य यह है कि प्रत्येक युवा अपनी क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वावलंबन की राह पर आगे बढ़ सके तथा समाज की मुख्यधारा में सशक्त रूप से अपनी पहचान बना सके।

इस पहल के तहत युवाओं का चयन जल वितरक संचालक, टैक्सी ड्राइवर एवं वेल्डिंग जैसे मांग-आधारित, व्यावहारिक एवं आजीविका से सीधे जुड़े कोर्सेस के लिए किया गया है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लक्ष्य केवल तकनीकी ज्ञान प्रदान करना नहीं है, बल्कि युवाओं में कार्य कौशल, जिम्मेदारी की भावना, आत्मविश्वास एवं पेशेवर दृष्टिकोण का भी विकास करना है, जिससे वे प्रशिक्षण पूर्ण करने के पश्चात रोजगार प्राप्त करने अथवा स्वरोजगार स्थापित करने में सक्षम बन सकें।

मुखयमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण का संचालन जिला परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज, नारायणपुर के माध्यम से किया जा रहा है, जहाँ कॉलेज से संबद्ध प्रशिक्षण भागीदार (ट्रेनिंग पार्टनर) के अनुभवी, दक्ष एवं प्रमाणित प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित करने हेतु मुख्य कोर्स प्रारंभ करने से पूर्व डेमो क्लास का आयोजन किया जाता है। डेमो क्लास के दौरान प्रतिभागी युवाओं को प्रशिक्षण की बुनियादी जानकारी, कार्यक्षेत्र की व्यावहारिक समझ के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, समय प्रबंधन, कार्य नैतिकता, टीमवर्क एवं आत्मविश्वास निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाता है।

डेमो क्लास के उपरांत निर्धारित पाठ्यक्रमानुसार मुख्य प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत संचालन किया जाता है, जिसमें सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान वास्तविक कार्य परिस्थितियों के अनुरूप अभ्यास कराया जाता है, ताकि प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात युवा तत्काल रोजगार अथवा स्वरोजगार से जुड़ सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में संचालित यह पहल पुनर्वास केन्द्र के युवाओं के लिए नई आशा, नया आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रही है। प्रशासन की यह संवेदनशील, दूरदर्शी एवं परिणामोन्मुखी पहल न केवल युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रही है, बल्कि सकारात्मक पुनर्स्थापन का एक प्रेरणादायी और अनुकरणीय उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही है, जो जिले में विकास, विश्वास और सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान करता है।

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