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कलेक्टर मिश्रा ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेकर विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

लीलाधर साहू

गुण्डरदेही।

जिले में कुपोषण की रोकथाम एवं शासकीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के दिए निर्देश।

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेकर विभागीय कार्यों के प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

इस दौरान उन्होंने जिले में कुपोषण की रोकथाम हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के अलावा विभाग द्वारा संचालित शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का निर्धारित समयावधि में समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर मिश्रा ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से लेकर परियोजना अधिकारी, सुपरवाईजर सहित सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों के कार्यों की सतत् माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पाण्डेय सहित परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाईजर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर मिश्रा ने परियोजनावार पोषण पुनर्वास केन्द्र्रों में भर्ती किए गए कुपोषित बच्चों के संख्या के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश भी दिए। मिश्रा ने नोनी सुरक्षा के कार्यों के प्रगति की समीक्षा करते हुए इस योजना का समुचित प्रचार-प्रसार करने को कहा। जिससे कि इस योजना से अधिक से अधिक बालिकाओं को लाभान्वित किया जा सके। बैठक में मिश्रा ने जिले में कुपोषण की रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों के अंतर्गत मिशन गोद के तहत गोद लिए गए बच्चों की स्थिति में सुधार, पोषण टेªकर एंट्री स्थिति, महिला सशक्तिकरण, महतारी वंदन योजना की जानकारी, छत्तीसगढ़ महिला कोष ऋण एवं सक्षम योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 में स्वीकृत ऋण प्रकरणों की समीक्षा की।

इसके अलावा उन्होंने नोनी सुरक्षा एवं सुकन्या समृद्धि योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के कार्य की प्रगति, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं योजना, आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य की प्रगति एवं वर्तमान में संचालित आंगनबाड़ी भवनों की जानकारी के अलावा स्वयं के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों की जानकारी एवं नगरीय निकायों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्वीकृति हेतु शेष भवनों की जानकारी आदि की विस्तृत समीक्षा की।

इसके साथ ही उन्होंने जर्जर आंगनबाड़ी भवनों की जानकारी, अभिसरण अंतर्गत जर्जर भवनों के स्थान पर नवीन स्वीकृत आंगनबाड़ी भवनों की अद्यतन जानकारी, आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्वीकृत पेयजल सुविधा के कार्य हेतु जारी राशि की व्यय की जानकारी तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ताओं एवं सहायिकों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु भर्ती प्रक्रिया आदि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली।

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