गुण्डरदेही।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद ने आज एक ऐसा मानवीय कार्य किया, जिसने समाज में करुणा और दया की भावना को पुनः जीवित कर दिया। एक वृद्ध महिला अकेली और असहाय अवस्था में भटकती हुई दिखाई दीं। वृद्धा की स्थिति देखकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद ने तुरंत महिला से बातचीत की। इस दौरान ज्ञात हुआ कि वे अपने घर का रास्ता भूल गई थीं और कई घंटों से भूखी-प्यासी थीं और अपना नाम बिसौहिंन बाई ग्राम पीपरछेड़ी की बताई, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद ने बिना विलंब किए उन्हें सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराया तथा गर्म कपड़े पहनाए और वृद्ध महिला को उनके घर तक सुरक्षित पहुँचाया।
इस मानवीय कृत्य ने यह सिद्ध कर दिया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद केवल कानून और न्याय की संस्था नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति के प्रति संवेदना और सेवा का प्रतीक भी है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के द्वारा किया गया यह कार्य समाज में यह संदेश देता है कि न्यायिक सेवा केवल न्याय देने तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवता की सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभाती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद का सदैव यह प्रयास रहता है कि समाज के कमजोर वर्गों, वंचितों एवं जरूरतमंदों तक न्याय और सहायता दोनों पहुँच सके। इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि न्यायपालिका के अधिकारी केवल न्याय के रक्षक नहीं, बल्कि समाज के नैतिक पथप्रदर्शक भी हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद ने इस अवसर पर नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आस-पास कोई व्यक्ति भटकता हुआ, असहाय या मदद का जरूरतमंद दिखे, तो तुरंत पुलिस या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचित करें ताकि ऐसे व्यक्तियों को समय पर सहायता प्रदान की जा सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का यह मानवीय प्रयास समाज में प्रेरणा का स्रोत बनेगा और सभी को यह संदेश देगा कि छोटी-सी संवेदना भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

