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नगर पंचायत गुंडरदेही: लापरवाही पर अमृत मिशन के ठेकेदार को अध्यक्ष की कड़ी फटकार, 3 दिन का अल्टीमेटम।

लीलाधर साहू

गुण्डरदेही।

नगर के विकास कार्यों में बाधा डालने और जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अमृत मिशन के ठेकेदारों के खिलाफ नगर पंचायत प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। शुक्रवार को मुख्य मार्ग से शीतला मंदिर होते हुए हटरी जाने वाले मार्ग के निर्माण कार्य का शुभारंभ करते हुए अध्यक्ष प्रमोद जैन ने अमृत मिशन के अधिकारियों और ठेकेदार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 3 दिन के भीतर कार्य में सुधार नहीं हुआ, तो कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

*मुख्यमंत्री के द्वारा भूमि पूजन’ के तहत कार्य प्रारंभ*
माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा किए गए भूमि पूजन के पश्चात आज जेसबी गिट्टी के माध्यम से सड़क निर्माण का कार्य विधिवत प्रारंभ किया गया। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन, उपाध्यक्ष विजय सोनकर, पार्षदगण और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। इस मार्ग पर सीसी रोड (सीमेंटिकरण) के साथ-साथ व्यवस्थित नाली निर्माण का कार्य किया जाना है। अध्यक्ष ने मौके पर मौजूद एसडीओ और निर्माण ठेकेदार को गुणवत्तापूर्ण कार्य के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

*अमृत मिशन को मिली ‘अंतिम चेतावनी’*
सड़क निर्माण के दौरान अध्यक्ष प्रमोद जैन ने अमृत मिशन 2.0 के तहत चल रहे पाइपलाइन विस्तार कार्य की स्थिति देख गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मिशन के ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि:
नगर में पाइपलाइन बिछाने के नाम पर जगह-जगह गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं, जिससे आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
अनुबंध की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद कार्य की गति अत्यंत धीमी है।
विभाग द्वारा अब तक लगभग 10 नोटिस दिए जाने के बाद भी ठेकेदार द्वारा कार्य को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

*”रोड बन गई तो फिर तोड़ने नहीं देंगे”*
अध्यक्ष ने साफ तौर पर कहा कि अमृत मिशन तत्काल प्रभाव से अपने नल कनेक्शन का कार्य पूरा करे। यदि सीसी रोड बनने के बाद पाइपलाइन के लिए सड़क को तोड़ा गया, तो इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा, “अगले 3 दिनों के भीतर कार्य धरातल पर दिखना चाहिए, अन्यथा आपके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

*उच्च अधिकारियों को भेजा गया पत्र*
नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा इस संबंध में जिला कलेक्टर बालोद, मिशन डायरेक्टर (अमृत मिशन 2.0), और विभागीय उच्च अधिकारियों को लिखित पत्र भेजकर ठेकेदार की लापरवाही से अवगत करा दिया गया है। पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि ठेकेदार का यह कृत्य कार्य के प्रति घोर लापरवाही और जन-विरोधी रवैये को दर्शाता है।

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