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बालोद जिला मलेरिया मुक्ति की ओर अग्रसर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।

परस साहू गुण्डरदेही।

बालोद।

विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर “मलेरिया को समाप्त करने के लिए प्रेरित: अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा” थीम के साथ जिला बालोद में मलेरिया उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। मलेरिया मुक्त बालोद के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गुरुवार को जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की गई।

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने जिला अस्पताल परिसर से मलेरिया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को मलेरिया के लक्षण, बचाव और उपचार की विस्तृत जानकारी देगा।

ये रहे मौजूद

इस दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. जितेंद्र सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अखिलेश शर्मा, जिला सलाहकार सूर्यकान्त साहू, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण नायक, जिला डाटा प्रबंधक भुपेश देवांगन, जिला डाटा सहायक रितेश गंगबेर, जिला कार्यक्रम समन्वयक मिथलेश देशमुख, टीबी सुपरवाइजर सत्येंद्र साहू, पीनेश सहित स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ उपस्थित रहा।

सीएमएचओ ने की अपील: जनसहभागिता जरूरी

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने कहा, “मलेरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी है। इसके नियंत्रण के लिए जनसहभागिता सबसे जरूरी है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मलेरिया मुक्त बालोद के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

मलेरिया: जानें जरूरी बातें

सीएमएचओ डॉ जेएल उइके ने बताया कि मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है और बारिश के मौसम में इसका खतरा बढ़ जाता है। जिसका मुख्य लक्षण तेज बुखार, ठंड लगना व कंपकंपी, सिरदर्द उल्टी या जी मिचलाना, अत्यधिक कमजोरी है। उन्होंने कहा कि घर के आसपास पानी जमा न होने दें। सोते समय मच्छरदानी लगाएं। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। कूलर, टंकी, गमले का पानी नियमित बदलें। मच्छर रोधी क्रीम व कॉइल का उपयोग करें। खिड़की-दरवाजों पर जाली लगवाएं। सीएमएचओ डॉ उइके ने कहा कि बुखार आते ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। समय पर दवा से मलेरिया पूरी तरह ठीक हो सकता है। खुद से दवा न लें, डॉक्टर की सलाह जरूर लें। सीएमएचओ ने वर्षा ऋतु में अतिरिक्त सतर्कता बरतने और गर्भवती महिलाओं व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। जागरूकता रथ के माध्यम से गांव-गांव तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा ताकि बालोद को जल्द से जल्द मलेरिया मुक्त बनाया जा सके।

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