परस साहू बालोद
शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होकर प्रसन्नचित हुए हितग्राही, सुशासन तिहार के आयोजन की भूरी-भूरी सराहना की
शिविर में बड़ी संख्या में शामिल हुए घीना सहित 25 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण, 450 आवेदनों का किया गया निराकरण
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम घीना में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्राम पंचायत घीना सहित घीना कलस्टर में शामिल आसपास के 25 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों एवं हितग्राहियों के लिए सौगातों भरा रहा। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शासकीय हायर सेण्डरी स्कूल मैदान घीना में आज आयोजित शिविर में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, जनपद अध्यक्ष कांति सोनबरसा, जिला पंचायत सदस्य गुलशन हिरवानी, एसडीएम शिवनाथ बघेल एवं अन्य अतिथियों के द्वारा हितग्राहियों को स्वामीत्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख का वितरण, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, मनरेगा जाॅब कार्ड, आयुष्मान कार्ड, नया राशन कार्ड, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत हितग्राहियों को जाल एवं आईस बाॅक्स वितरण के अलावा शासन के अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। इसके अलावा शिविर में 20 किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता किट भी प्रदान किया गया। ग्राम घीना में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 906 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 450 आवेदनों को मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया गया।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यनपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी ने जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए सुशासन तिहार एवं जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। चंद्रवंशी ने कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार सुशासन तिहार के दौरान प्रशासनिक अमले के द्वारा आम जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं वास्तविक समस्याओं से रूबरू होेकर उनका समुचित निराकरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में उपस्थित होकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
चंद्रवंशी ने शिविर में उपस्थित लोगों को तेजी से घटते भूजल स्तर एवं भविष्य में जल संकट की चुनौतियों को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जिले में चलाए जा रहे नीर चेतना अभियान के संबंध में भी जानकारी दी। इसके लिए उन्होंने सभी नागरिकों से पानी के संरक्षण एवं संवर्धन करते हुए पानी के एक-एक बंूद का सदुपयोग करने का आग्रह भी किया। इसके अंतर्गत उन्होंने कृषकों को ग्रीष्मकालीन धान के बदले सरसो, तिवड़ा, कुसुम, इत्यादि दलहन-तिलहन फसल का उत्पादन करने तथा किसी भी स्थिति में ग्रीष्मकाल में धान का फसल नही लगाने की समझाईश भी दी।
उन्होंने वर्तमान में संपूर्ण देश की भांति बालोद जिले में भी चल रहे जनगणना 2027 के कार्य के संबंध में भी जानकारी दी। इसके अंतर्गत उन्होंने सभी नागरिकों से प्रथम चरण के जनगणना के कार्य के अंतर्गत मकानों की सही-सही जानकारी प्रगणकों को प्रदान करने को कहा। इस अवसर पर चंद्रवंशी ने घीना में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति पर प्रसन्नता भी व्यक्त की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद अध्यक्ष कांति सोनबरसा ने राज्य शासन द्वारा आयोजित इस सुशासन तिहार की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से लेकर प्रदेश के मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा संपूर्ण प्रशासनिक अमला आम जनता के बीच पहुँचकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं की क्रियान्वयन की स्थिति का पड़ताल कर रहे हैं।
इसके अलावा शासन-प्रशासन के लोगों के द्वारा आम जनता के वास्तवित मांगों एवं समस्याओं से वाकिफ भी हो रहे हैं। निश्चित रूप से इसका बेहतर परिणाम हम सभी के सामने आएगा। इस अवसर पर उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे नीर चेतना अभियान के अंतर्गत संपूर्ण जीव-जगत के लिए पानी के महत्व के संबंध में जानकारी देते हुए शिविर में उपस्थित सभी लोगों को पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के अलावा इसका विवेकपूर्ण उपयोग करने की शपथ दिलाई। उन्होंने शिविर में उपस्थित लोगों को पानी के एक-एक बूंद का सदुपयोग करने के अलावा जल संरक्षण के कार्य में अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा।
इसके अलावा उन्होंने शिविर में उपस्थित लोगों को बाल विवाह के रोकथाम हेतु सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की भी शपथ दिलाई। जिला पंचायत सदस्य गुलशन हिरवानी ने सुशासन तिहार के आयोजन की सराहना करते हुए अंचल के प्रमुख मांगों एवं आवश्यकताओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने शिविर में उपस्थित सभी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों के समुचित निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही करने को कहा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के द्वारा अपने-अपने विभागों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं तथा शिविर में अपने विभागों से संबंधित कुल आवेदन एवं उनके निराकरण की स्थिति के संबंध में भी जानकारी दी।
उल्लेखनीय है कि घीना में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम पापरा, बुन्देली, रानीतराई कि, किसना, सिंगारपुर, भालूकोन्हा, हड़गहन, भुरकाभाट, मनकी क, केवट नवागांव, सुरेगांव, झिटिया, परसाडीह सु, फरदफोड़, भण्डेरा, घीना, मुढिया, भेडी सु, अहि. नवागांव, कसहीकला, बीजाभाठा, डेंगरापार, मुडखुसरा, भीमकन्हार और हथौद सहित 25 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जन शामिल हुए थे। शिविर में आज खाद्य विभाग से संबंधित 41 आवेदनों में से 13, समाज कल्याण विभाग को प्राप्त 62 में से 50, श्रम विभाग को प्राप्त 19 में से सभी 19 सहित विभिन्न विभागों से प्राप्त कुल 906 आवेदन में से 450 आवेदनों का निराकरण किया गया। शिविर में आज डिप्टी कलेक्टर प्राची ठाकुर, तहसीलदार हिंसाराम नायक, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपान अधिकारी पंकज देव के अलावा जनपद सदस्य अन्नपूर्णा भुआर्य, शोभितराम यादव, भूपेश नायक, सुरेश साहू तिनेश्वर बघेल एवं अन्य अतिथियों व विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों तथा हजारों की संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

