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जिले में निक्षय निरामय 2.0 अभियान का आगाज अब गांव-गांव पहुँच रही पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन।

परस साहू बालोद 

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत ’क्षय मुक्त छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने के लिए बालोद जिले में ’निक्षय निरामय 2.0’ अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीम ’हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन’ लेकर सीधे ग्रामीणों के दरवाजे तक पहुँच रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे. एल. ऊईके ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग की जा रही है जिसमें स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारी और विशेषज्ञ दल चिन्हांकित गांवों में घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान कर रहे हैं। इसके साथ ही जिले में पहली बार हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन का बड़े स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। यह मशीन कैमरे के आकार जैसी सुलभ है, जिससे आसानी से एक्स-रे किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एआई तकनीक से लैस यह मशीन कुछ ही मिनटों में फेफड़ों की स्थिति स्पष्ट कर देती है, जिससे टीबी के संदिग्ध मरीजों की पहचान तत्काल संभव हो रही है।

इस 100 दिवसीय अभियान का मुख्य उद्देश्य उन मरीजों तक पहुँचना है जो दूरी या जानकारी के अभाव में अस्पताल नहीं पहुँच पाते। ’निक्षय निरामय 2.0’ के माध्यम से जिले के अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है और शासन द्वारा इसके लिए निःशुल्क दवाइयां एवं पोषण सहायता राशि भी प्रदान की जाती है। इसके साथ ही अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के माध्यम से मुनादी कराकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। पोर्टेबल मशीन से एक्स-रे की सुविधा मिलने से बुजुर्गों और दिव्यांगों को विशेष राहत मिल रही है।

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