परस साहू बालोद
शिकायत के बाद आमने-सामने आए पक्षों में बातचीत से निकला समाधान, सोनी ज्वेलर्स और शिकायतकर्ताओं ने विवाद को आगे नहीं बढ़ाने का लिया निर्णय
बालोद/गुंडरदेही: बालोद जिला के गुंडरदेही थाना क्षेत्र में गिरवी रखे गए सोने के आभूषणों को लेकर सामने आया विवाद अब आपसी समझौते के बाद समाप्त हो गया है। फुंडा निवासी दो महिलाओं और सोनी ज्वेलर्स संचालक प्रवीण कुमार सोनी के बीच पिछले दिनों लेन-देन तथा आभूषणों की वापसी को लेकर मतभेद सामने आए थे। मामला थाना गुंडरदेही तक पहुंचने के बाद क्षेत्र में इसकी चर्चा शुरू हो गई थी। अब संबंधित पक्षों के बीच बातचीत के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है और दोनों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का निर्णय लिया है।
*थाने में दिए गए थे अलग-अलग आवेदन*
मामला उस समय सामने आया जब 9 सितंबर 2026 को फुंडा निवासी महिलाओं की ओर से गुंडरदेही थाना में आवेदन प्रस्तुत किए गए। एक शिकायत में वर्ष 2022 में सोने के आभूषण गिरवी रखने और उसके बदले करीब 2 लाख 80 हजार रुपये प्राप्त करने का उल्लेख था। वहीं दूसरे आवेदन में वर्ष 2023 में 18 ग्राम, 23 कैरेट सोने की चेन गिरवी रखने तथा करीब 60 हजार रुपये लेने की बात कही गई थी।इन शिकायतों में बाद में आभूषण वापस लेने को लेकर उत्पन्न मतभेदों का उल्लेख किया गया था। आवेदन पुलिस तक पहुंचने के बाद मामला सार्वजनिक चर्चा में आया और दोनों पक्षों के बीच स्थिति को लेकर अलग-अलग बातें सामने आने लगीं।
*बातचीत से निकला समाधान*
विवाद को लंबा खींचने के बजाय संबंधित पक्षों ने आपस में बैठकर चर्चा करने का रास्ता चुना। बातचीत के दौरान शिकायतकर्ताओं और कारोबारी पक्ष ने अपने-अपने पक्ष रखे। पुराने लेन-देन, आभूषणों और विवाद से जुड़े विषयों पर चर्चा के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी।इसके बाद आपसी समझौते के आधार पर मामले को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। यानी जिस विवाद को लेकर कुछ दिन पहले थाना स्तर पर शिकायत सामने आई थी, वही मामला अब पक्षकारों के बीच बनी सहमति के बाद सुलझ गया है।
*शिकायत में लगाए आरोप अब विवाद का केंद्र नहीं*
शिकायत के दौरान पुलिस की भूमिका को लेकर भी एक पक्ष की ओर से आरोप लगाए गए थे। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी। ऐसे में शिकायत में कही गई बातों को अंतिम तथ्य मानने के बजाय उन्हें संबंधित पक्ष का आरोप ही माना जाना चाहिए।अब जब दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है, तो पूरे घटनाक्रम को उसी वर्तमान स्थिति के आधार पर देखा जा रहा है। समझौते के बाद दोनों पक्षों की ओर से विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय मामले का समाधान स्वीकार किया गया है।
*प्रेस वार्ता में रखेंगे अपना पक्ष*
बताया गया है कि दोनों पक्ष जल्द ही प्रेस वार्ता के माध्यम से मामले से संबंधित आवश्यक जानकारी मीडिया के सामने रख सकते हैं। इसमें शिकायत की पृष्ठभूमि, दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत और समझौते की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की संभावना है।इससे पहले शिकायत के आधार पर सामने आई चर्चाओं के बीच अब समझौता होने से मामले को नया मोड़ मिला है। विवाद का समाधान बातचीत से निकलना इस पूरे घटनाक्रम का महत्वपूर्ण पहलू बन गया है।
*अब आगे की कहानी समझौते के दस्तावेजों से होगी स्पष्ट*
पूरे मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह रहेगी कि दोनों पक्ष समझौते की शर्तों और सहमति का स्वरूप किस तरह सार्वजनिक करते हैं। यदि प्रेस वार्ता में संबंधित दस्तावेज अथवा स्पष्ट जानकारी सामने आती है तो विवाद की वास्तविक पृष्ठभूमि और समाधान की प्रक्रिया को समझने में आसानी होगी।फिलहाल इतना स्पष्ट है कि गिरवी सोने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब टकराव की स्थिति से निकलकर आपसी सहमति तक पहुंच चुका है। शिकायतकर्ता पक्ष और कारोबारी पक्ष के बीच सुलह होने के बाद मामला आगे बढ़ाने के बजाय समाधान के साथ समाप्त करने की दिशा में है।

