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मेंड़की में,,, ग्राम समिति ने बनाया नियम,,, खुले में शराब पीना,,, अवैध मादक पदार्थ बेचना,,, पशुओं को खुले में छोड़कर फसल नष्ट करने पर जुर्माना देना होगा,,, सर्व ग्रामीण का निर्णय,,,

लीलाधर साहू

गुण्डरदेही।

बालोद। गांव-गांव में घूम रहे आवारा पशुओं से किसानों को हानि हो रही है। आवारा घूम रहे मवेशियों के द्वारा खेतों में लगे धान फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिससे किसानों की फसल खराब हो रही है और लगभग क्षेत्र के सभी गांवो में यही हाल है। जहां पशुओं के मालिकों के द्वारा अपने-अपने मवेशियों को घरों में बांधने की बजाय आवारा छोड़ दिए हैं, लेकिन इन आवारा घूम रहे पशुओं से अपनी फसल को बचाने के लिए बालोद ब्लाक के अंतर्गत आने वाले ग्राम मेढ़की के लोगों ने एक अलग ही मिसाल पेश की है। यहां गांव के लोगों ने गांव में बैठक आयोजित कर निर्णय लिया गया कि गांव में पशुओं को आवारा छोड़ने पर पशुपालकों पर 500 रूपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है। ताकि इन पशुओं के द्वारा किसी भी किसान की फसल को नुकसान होने से बचाया जा सके।वही ग्रामीणों द्वारा मेढ़की गांव में शराब बेचने वालों और सार्वजनिक स्थलों पर शराब का सेवन करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 05 हजार रुपये का आर्थिक दंड लिया जाएगा।

ग्राम में पशुओं को आवारा छोड़ने पर पशुपालकों पर लगेगा 500 रूपये का जुर्माना

जानकारी के अनुसार ग्राम मेढ़की में पशुपालक के द्वारा पशुओं को आवारा छोड़ देने के कारण तबाह हैं। आए दिन ये पशु किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं। मामले को देखते हुए ग्राम मेढ़की के ग्रामीणों ने इस विवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए ग्राम में सार्वजनिक बैठक आयोजित कर ग्राम में पशुओं को आवारा छोड़ने पर पशुपालकों पर 500 रूपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है।

ग्राम में बैठक आयोजित कर ग्राम में पशुओं को आवारा छोड़ने पर पशुपालकों पर 500 रूपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है।जिसका सभी लोगों ने समर्थन किया है। बैठक में बताया कि पशुपालक अपनी मवेशियों को खेतों में छोड़ दिया करते थे। जिसके कारण मवेशी खेतों में जाकर धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे थे।इस कारण ग्रामीणों ने गांव में नई व्यवस्था बनाई है। बैठक में बताया गया कि खेतों में लगी फसल को क्षति पहुंचाते हुए यदि मवेशी,बकरा बकरी पकड़ी गई तो 500 रुपये के हिसाब से संबंधित पशुपालक को देना होगा। साथ ही बैठक में गांव में दूसरे गावो के आवारा मवेशियों को पकड़कर जंगल में ले जाकर छोड़ने का निर्णय लिया गया है।

गांव में शराब बेचने और सार्वजनिक स्थलों पर शराब का सेवन करने पर 05 हजार रुपये का आर्थिक दंड

गांव में फैल रहे नशे के प्रचलन को लेकर ग्राम मेढ़की के ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ अहम फैसले लिए हैं । मेढ़की में सामूहिक बैठक आयोजित कर नशा रोकने के लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव लिए गए। ग्रामीणों द्वारा सर्वसम्मति से तय किया गया कि मेढ़की गांव में शराब बेचने वालों और सार्वजनिक स्थलों पर शराब सेवन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 05 हजार रुपये का आर्थिक दंड लिया जाएगा। गांव में बढ़ रहे नशे के प्रचलन को रोकने के लिए मेढ़की गांव के ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ आर्थिक दंड का प्रावधान रखा है । जिससे नशे के प्रचलन को कम किया जा सके साथ ही नशे के चलते शिकार हो रहे युवा इस दलदल से बाहर निकल सके और नशे के दौरान गांव में गाली गलौज पर भी अंकुश लगाया जा सके ।

 

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