गुण्डरदेही।
छत्तीसगढ़ प्रदेश दस्तावेज लेखक एवं स्टाम्प विक्रेता संघ का भव्य वार्षिक अधिवेशन गुंडरदेही तहसील के तत्वावधान में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी एकता का परिचय दिया और डिजिटल युग में आ रही चुनौतियों व भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।
*सरकार और जनता के बीच सेतु हैं दस्तावेज लेखक*
अधिवेशन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दस्तावेज लेखक केवल कागजी कार्रवाई नहीं करते, बल्कि वे आम जनता के अधिकारों को कानूनी रूप देने वाले महत्वपूर्ण माध्यम हैं। राजस्व विभाग के सुचारू संचालन में इनकी भूमिका एक ‘नींव के पत्थर’ की तरह है, जिसके बिना संपत्ति और अधिकारों का स्पष्ट सीमांकन संभव नहीं है।
*डिजिटल बदलाव और एकजुटता पर जोर*
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बदलते परिवेश में संगठन की एकजुटता को बनाए रखना था। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते डिजिटल युग में दस्तावेज लेखकों को खुद को अपडेट रखना अनिवार्य है, ताकि वे अपनी गरिमा और प्रासंगिकता को बरकरार रख सकें। संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि एकजुट रहकर ही वे अपने हितों की रक्षा कर पाएंगे और जनकल्याण के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते रहेंगे।
*नगर पंचायत अध्यक्ष का बड़ा आश्वासन*
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने संघ को संबोधित करते हुए कहा कि दस्तावेज लेखक और स्टाम्प वेंडर शासन-प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने लेखकों के हितों की रक्षा का संकल्प लेते हुए कहा, “दस्तावेज लेखक संघ का किसी भी स्तर पर अहित नहीं होने दिया जाएगा। यदि कोई समस्या आती है, तो हम स्वयं संघ के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से मुलाकात करेंगे और समस्याओं का समाधान कराएंगे।”
इस भव्य आयोजन में क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
प्रमोद जैन (नगर पंचायत अध्यक्ष),पुरुषोत्तम चंद्राकर (जनपद अध्यक्ष)पुष्पेंद्र चंद्राकर (पूर्व जिला पंचायत सदस्य),गुलशन साहू (जनपद सदस्य)केशव राम साहू (प्रसिद्ध साहित्यकार)लक्ष्मी नारायण दुबे (प्रदेश अध्यक्ष, स्टाम्प संघ),जगदीश साहू (प्रदेश अध्यक्ष, दस्तावेज लेखक संघ), मनीष गुप्ता (प्रदेश अध्यक्ष, दस्तावेज लेखक संघ) की उपस्थिति रही।
गुंडरदेही तहसील में आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने में घनश्याम साहू, नरेश साहू, धनेश्वर साहू, लीलार सिंहा और दिलीप साहू समेत स्थानीय पदाधिकारियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने मिलकर संघ की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने और जनहित में निष्ठापूर्वक कार्य करने का संकल्प लिया।

