PATRIKA24x7

एसडीएम कंवर द्वारा नियमित रूप से जाँच कर अनियमितता पाए जाने पर समिति प्रबंधकों एवं कोचियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के दिए निर्देश।

लीलाधर साहू

गुण्डरदेही।

बालोद जिले में धान की अवैध खरीदी बिक्री की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु किया जा रहा है किसानों के धान का भौतिक सत्यापन।
भौतिक सत्यापन करने पर किसान अरविन्द के घर में नही मिला धान, कोचियों एवं व्यापारियों के माध्यम से धान बिक्री के पूर्व प्रशासन ने की कार्रवाई।

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार समर्थन मूलय पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत धान की अवैध खरीदी-बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु निगरानी समिति में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा किसानों के घरों में पहुँचकर नियमित रूप से भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत किसानों द्वारा पहले या दूसरे टोकन में धान बिक्री के उपरांत पात्रतानुसार शेष रकबे में धान की बिक्री करने हेतु टोकन कटाए जाने पर संबंधित किसानों का भौतिक सत्यापन कर इनके पास धान की उपलब्धता की जाँच की जा रही है। जिससे कि कोचियों एवं व्यापारियों के द्वारा किसानों के टोकन से धान की अवैध बिक्री की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।

इसके अंतर्गत बालोद विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र पाररास के निगरानी समिति के दल में शामिल संबंधित हल्का पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं ग्राम पंचायत सचिव द्वारा दूसरे टोकन के माध्यम से अपने धान की बिक्री करने के उपरांत 26 दिसंबर को अपनी धान की बिक्री हेतु तीसरा टोकन कटाने वाले ग्राम पाररास के कृषक अरविन्द के घर में पहुँचकर धान का भौतिक सत्यापन किया गया। निगरानी दल में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा भौतिक सत्यापन के दौरान किसान अरविन्द के पास बिल्कुल भी धान नही पाया गया।

अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा इस संबंध में पूछताछ करने पर किसान अरविन्द के द्वारा उनके पास तीसरे टोकन पर धान बिक्री हेतु बिल्कुल भी धान नही होेने की बात स्वीकार की गई। इसके अलावा उन्होंने तीसरे टोकन के आधार पर धान बिक्री हेतु निर्धारित तिथि 26 नवंबर को धान खरीदी केन्द्र में पहुँचकर धान बिक्री नही करने की बात भी कही। इस तरह से कलेक्टर मिश्रा के निर्देशानुसार निगरानी दल में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा किसान के टोकन के माध्यम से धान की अवैध खरीदी एवं बिक्री सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई की है।

उल्लेखनीय है कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बालोद नूतन कंवर द्वारा निगरानी दल में शामिल सभी अधिकारी-कर्मचारी एवं हल्का पटवारियों को दूसरे एवं तीसरे टोकन कटाने वाले कृषकों का नियमित रूप से भौतिक सत्यापन करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित समिति प्रबंधकों एवं कोचियोें के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!