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धान खरीदी के कार्य को सुचारू रूप से संपन्न करने हेतु कलेक्टर ने अधिकारियों की बैठक लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश।

लीलाधर साहू

गुण्डरदेही।

धान की अवैध खरीदी-बिक्री की रोकथाम हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने तथा रकबा समर्पण के कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने को कहा
रकबा समर्पण हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर उन्हें 03-03 उपार्जन केन्द्रों की दी गई जानकारी।

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में राजस्व, खाद्य, सहकारिता एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधिकारियों की बैठक लेकर बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के कार्य को बिना किसी अवरोध के निर्बाध रूप से संपन्न कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर मिश्रा ने बताया कि राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है।

उन्होंने कहा कि निर्धारित तिथि 31 जनवरी 2026 तक जिले को प्राप्त कुल 82 लाख क्विंटल धान खरीदी लक्ष्य को पूरा किया जाना आवश्यक है। कलेक्टर ने इसके अनुरूप शेष कार्य दिवसों में जिले के सभी कृषकों के धान की समुचित खरीदी हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को जिले में धान की अवैध खरीदी-बिक्री की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने रकबा समर्पण के कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए धान बिक्री करने के पश्चात् जिन कृषकों के पास धान शेष नही रह जाता उनका अनिवार्य रूप से रकबा समर्पण कराने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने रकबा समर्पण हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने तथा प्रत्येक नोडल अधिकारियों को 03-03 उपार्जन केन्द्रों की जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी दी। बैठक में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक एवं नूतन कंवर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित खाद्य सहकारिता एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधिकारीगण उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टर ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत धान बिक्री हेतु किसानों को टोकन जारी किए जाने के संबंध में दिशा-निर्देशों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत 02 एकड़ से कम रकबा वाले कृषकों को 01 टोकन, 02 से 10 एकड़ रकबा वाले कृषकों को 02 टोकन तथा 10 एकड़ से अधिक रकबा वाले कृषकों को 03 टोकन जारी किया जाना है। कलेक्टर ने कहा कि 02 एकड़ से अधिक रकबा वाले किसान जिन्हें 02 टोकन की पात्रता है।

उन कृषकों द्वारा पहले टोकन में धान बेचने के उपरांत निगरानी समिति के अधिकारी-कर्मचारियों के भौतिक सत्यापन के पश्चात् ही दूसरा टोकन जारी करने के निर्देश भी दिए हैं। इसी तरह 10 एकड़ से अधिक रकबा वाले कृषक जिन्हें 03 टोकन जारी किया जाना है। उनके द्वारा भी दूसरे टोकन में धान बेचने के उपरांत निगरानी समिति के सदस्यों से अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन कराने को कहा। इसके पश्चात ही इन कृषकों को तीसरा टोकन जारी करने के निर्देश दिए हैं। जिससे कि व्यापारी एवं कोचियों के द्वारा किसी भी प्रकार की अवैध धान की बिक्री न की जा सके।

बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को धान खरीदी केन्द्रों का रेण्डम भौतिक सत्यापन करने के निर्देश भी दिए। भौतिक सत्यापन के दौरान उन्होंने धान खरीदी केन्द्रों में स्टेक का भी अनिवार्य रूप से गणना करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने जिले के राईस मिलों का भी भौतिक सत्यापन करने को कहा। बैठक में कलेक्टर ने जिले में धान की अवैध खरीदी-बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने जिले के सभी थोक एवं फुटकर व्यापारियों के दुकानों एवं गोदामों का नियमित रूप से जाँच कर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि वास्तविक रकबे के आधार पर जिले के सभी कृषकों के शत प्रतिशत धान की खरीदी सुनिश्चित की जाएगी। मिश्रा ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी कृषक अपने वास्तविक रकबे एवं पैदावार के आधार पर धान की समुचित बिक्री करने से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों को किसानों से मधुर एवं आत्मीय व्यवहार करने के भी निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने जिले के धान खरीदी केन्द्रों में गेटपास की स्थिति की भी सराहना की। बैठक में कलेक्टर ने धान बोरों में अनिवार्य रूप से स्टेनशील लगाए जाने के निर्देश दिए तथा धान बोरों में स्टेनशील नही लगाए जाने पर संबंधित समिति प्रबंधकों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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