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जिले में धान की अवैध खरीदी-बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु जांच दल के द्वारा किसानों के घरों में पहुँचकर किया जा रहा है उपलब्ध धान का भौतिक सत्यापन।

लीलाधर साहू

गुण्डरदेही।

कलेक्टर के निर्देश पर जांच दल के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा की जा रही है निरंतर कार्रवाई।

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत बालोद जिले में धान की अवैध खरीदी बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु राजस्व, कृषि सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा नियमित रूप से किसानों के घरों में पहुँचकर उनके पास उपलब्ध धान का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। जिससे कि निर्धारित रकबे के आधार पर किसानों के पास धान बिक्री हेतु धान की उलपब्धता की जांच की जा सके।

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जांच दल के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा अब तक धान बिक्री करने हेतु शेष रह गए किसानों के घरों में पहुँचकर उपलब्ध धान की मात्रा का भौतिक सत्यापन की कार्रवाई निरंतर की जा रही है। जिससे कि किसानों के धान बिक्री के उपरांत शेष रह गए रकबे के माध्यम से व्यापारियों, कोचियों आदि के द्वारा धान की अवैध बिक्री की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार किसानों के घरों में उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन के उपरांत ही धान खरीदी केन्द्रों में किसानों के शेष धान की बिक्री हेतु टोकन काटा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा द्वारा जिले के कृषकों से पंजीकृत किसान उत्पादित धान को समर्थन मूल्य पर विक्रय करने के पश्चात् यदि शेष रकबा बच जाती है तो उसमें किसी अन्य व्यक्ति का धान बिक्री नही करने तथा पंजीकृत रकबे पर स्वयं द्वारा उत्पादित धान का ही बिक्री करने की अपील की गई है।

इसके अंतर्गत राजस्व, खाद्य एवं कृषि विभाग के सयंुक्त जांच दल के द्वारा डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र गैंजी के अंतर्गत ग्राम किल्लेकोड़ा के कृषक श्री दीपक कुमार के घर में पहुँचकर उनके पास उपलब्ध धान का भौतिक सत्यापन किया गया। जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसीराम ठाकुर ने बताया कि कृषक श्री दीपक कुमार के द्वारा धान खरीदी केन्द्र गैंजी में 80 क्विंटल धान का टोकन प्राप्त कर धान बिक्री हेतु कुल 80 क्विंटल धान लाया गया था।

उन्होंने बताया कि किसान दीपक का इस वर्ष धान की खरीदी हेतु कुल 4.48 हेक्टेयर रकबे का पंजीयन हुआ है। किसान दीपक से उनके पास उपलब्ध धान के संबंध में जानकारी लिए जाने पर आगामी टोकन में 150 क्विंटल धान होेने की जानकारी दी गई। जांच दल के अधिकारियों के द्वारा किसान के सहमति से उनके घर पर रखे गए धान का भौतिक सत्यापन किए जाने पर मात्र 80 बोरी धान अर्थात 32 क्विंटल धान पाया गया। जबकि किसान के द्वारा अपने घर में 150 क्विंटल धान होेने की जानकारी दी गई थी। इस प्रकार किसान द्वारा उनके पास धान की उपलब्धता के संबंध में दी गई जानकारी सही नही पाई गई।

इसी तरह धान खरीदी केन्द्र जेवरतला में किसान फिरतुराम के द्वारा धान बिक्री हेतु कुल 174 क्विंटल धान का टोकन कटाया गया था। किसान फिरतुराम के द्वारा 08 जनवरी को धान खरीदी केन्द्र में मात्र 57.20 क्विंटल धान की बिक्री हेतु लाया गया था। किसान से बिक्री हेतु शेष धान के संबंध में जानकारी लिए जाने पर गाड़ी की सुविधा नही होने के कारण शेष धान आगामी टोकन में बिक्री करने की बात कही गई।

जांच दल के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा किसान फिरतुराम की सहमति से उनके घर में उपलब्ध धान की मात्रा जांच किए जाने पर उनके पास मात्र 18 बोरी ही धान पाया गया। जिसे किसान द्वारा घर में खाने के उपयोग के लिए रखे जाने की जानकारी दी गई। इस पर जांच दल के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा किसान फिरतुराम को समझाईश देकर बिक्री के पश्चात शेष रकबे का समर्पण कराया गया।

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