गुण्डरदेही।
गुण्डरदेही ब्लॉक के ग्राम मटिया में सत्संग समारोह आयोजन का प्रथम दिवस सफलता पुर्वक सम्पन्न हुआ। जहां ने श्रोताओं ने भजन, कीर्तन, और ज्ञान चर्चा के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया। आयोजन के प्रथम दिवस संत रमाशंकर साहेब, संत शीतल दास साहेब, संत सुशांत दास साहेब, संत गुलाब साहेब एवं संत नारायण दास साहब ने बीजक पाठ/ भजन एवं प्रवचन के माध्यम से श्रोताओं को बताया कि सत्संग का मुख्य उद्देश्य मन को शांत करना, ज्ञान प्राप्त करना, सकारात्मकता लाना और जीवन के उच्च लक्ष्यो को समझना है।
उक्त कार्यक्रम के आयोजनकर्ता अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राज महंत सावलाराम डहरे ने कहा कि से सत्संग का समाज में बेहतर प्रभाव रहता है। सत्संग की संतोष वाणी समाज की विकास और समाज सुधार का कार्य करता है।
यह कार्यक्रम संत कबीर साहेब का सत्संग कार्यक्रम है। उन्होंने आगे कहा की संत कबीर दास संत ही नहीं बल्कि एक समाज सुधारक भी थे। देश में जब मध्यकाल के दौरान छुआछूत, उच नीच और भेदभाव, जातिवाद और धर्म वाद को फटकारते हुए काव्य रचना की और समाज सुधार की बात की। आज के परिपेक्व में कबीर दास की वाणी सत प्रतिशत प्रासंगिक है।
उन्होंने आगे कहा कि संत कबीर दास की सत्संग समारोह का कार्यक्रम सभी ग्राम में समय-समय पर होते रहना चाहिए।
उक्त कार्यक्रम में धनराज सिंह डाहरे, भूषण डाहरे, समीर डाहरे, अनिल डाहरे, सलीम डाहरे, सकेत डाहरे, ग्राम मटिया के सरपंच दशमत महेन्द्र रात्रे, सहित समस्त ग्रामवासी ने संत के अमृत वाणी से कबीर बीजक का अमृत पान किया। साहेब ने इस दुनिया में मां के स्थान को सबसे ऊंचा बताया।


यह कार्यक्रम संत कबीर साहेब का सत्संग कार्यक्रम है। उन्होंने आगे कहा की संत कबीर दास संत ही नहीं बल्कि एक समाज सुधारक भी थे। देश में जब मध्यकाल के दौरान छुआछूत, उच नीच और भेदभाव, जातिवाद और धर्म वाद को फटकारते हुए काव्य रचना की और समाज सुधार की बात की। आज के परिपेक्व में कबीर दास की वाणी सत प्रतिशत प्रासंगिक है।