लीलाधर साहू
गुण्डरदेही।
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार एवं भू-राजस्व संहिता अधिनियम 1959 में संशोधन उपरांत अविवादित नामांतरण एवं बंटवारों का निराकरण का अधिकार ग्राम पंचायतों को दिया गया है। जिसके तहत बालोद जिले के सभी ग्राम पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि विकासखंड बालोद में 18 फरवरी एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड में 19 फरवरी को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण में भुईंया पोर्टल, सीजी रेवेन्यू पोर्टल के संचालन एवं भू- राजस्व संहिता अधिनियम 1959 के तहत कंडिका 5 में उल्लेखित संहिता की धारा 128 (2) एवं 130 तथा अविवादित मामलों के संबंध में धारा 110, 178, 178 (क) एवं 178 (ख) के अंतर्गत तहसीलदार की शक्तियों छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम 1993 के अधीन गठित पंचायतों को उनके क्षेत्राधिकार के भीतर होगी।
उक्त कंडिका के माध्यम से अविवादित नामांतरण एवं बटवारा संबंधि अन्य राजस्व कार्यों हेतु ग्राम पंचायतों को उनके क्षेत्राधिकार के भीतर अधिकृत किया गया है।
इसके अतिरिक्त नागरिक पंजीयन पोर्टल के पंजीयन की प्रक्रिया एवं आवेदन प्रस्तुत करने की प्रकिया तथा आम नागरिकों को पोर्टल में हो रहे कार्यवाही की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही सचिवों के लॉगिन आईडी की उक्त प्रक्रिया के कियान्वयन संबंधी विस्तृत जानकारी पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण के माध्यम के प्रदाय किया गया। राजस्व के संबंध में राजस्व विभाग से तहसीलदार गुण्डरदेही कोमल सिंह धु्रव एवं तहसीलदार बालोद आशुतोष शर्मा ने राजस्व निरीक्षक तथा पटवारी द्वारा ऑनलाईन पोर्टल के संबंध में सचिवों को विशेष रूप से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण में संबधित जनपद पंचायत बालोद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी झुमुक सिंह राजपूत, गुण्डरदेही जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी निखत सुल्ताना, लोकेश सिन्हा, जिला समन्वयक एवं विमल सोनकर, सहायक जिला समन्वयक वरिष्ठ करारोपन अधिकरी चम्पेश्वर यदु, सुरेन्द्र चन्द्राकर अधिकारीगण उपस्थित थे। प्रशिक्षण में सभी सचिवों को जल्द से जल्द पंचायत में अविवादित नामांतरण एवं बंटवारे का कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।

