गुण्डरदेही।
विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय युवा संवाद कार्यक्रम में बालोद जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालोद के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं एम.ए. चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र लक्ष कुमार साहू ने अपनी प्रभावशाली भागीदारी दर्ज कराई। यह कार्यक्रम 10 मार्च को रायपुर विधानसभा भवन में आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के लगभग 30 जिलों से आए 140 प्रतिभागियों ने सहभागिता करते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए।
राज्य स्तरीय यूथ पार्लियामेंट का विषय “केंद्रीय बजट 2026: विकसित भारत 2047 की ओर भारतीय युवाओं का मार्ग मजबूत करना” रखा गया था। इस महत्वपूर्ण विषय पर लक्ष साहू ने युवाओं की भूमिका, कौशल विकास, रोजगार सृजन एवं राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति के योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।![]()
यह कार्यक्रम माय भारत (MY Bharat – Mera Yuva Bharat) के माध्यम से आयोजित किया गया। माय भारत भारत सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ना, नेतृत्व क्षमता विकसित करना तथा विभिन्न सामाजिक व विकासात्मक कार्यक्रमों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से युवाओं को स्वयंसेवा, नवाचार और सामुदायिक विकास के अवसर प्रदान किए जाते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब (कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग) उपस्थित रहे। साथ ही माय भारत छत्तीसगढ़ के राज्य निदेशक अर्पित भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
राज्य स्तर तक पहुंचकर बालोद जिले का प्रतिनिधित्व करना लक्ष साहू के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी इस उपलब्धि से बालोद जिला, राष्ट्रीय सेवा योजना जिला इकाई तथा शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालोद में हर्ष और गर्व का माहौल है।
लक्ष साहू ने इस अवसर पर मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना की जिला संगठक डॉ. लीना साहू, माय भारत के उपनिदेशक नीतिश शर्मा, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जे. के खलखो एवं रासेयो कार्यक्रम अधिकारी प्रो. जी. एन. खरे तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं अतिथि शिक्षकों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

