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किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने सख्ती 06 कृषि केंद्रों के लाइसेंस निरस्त, एक निलंबित।

परस साहू बालोद

कीटनाशी अधिनियम के उल्लंघन पर कृषि विभाग की कार्रवाई, जिले में अब तक 165 कृषि केंद्रों का निरीक्षण।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल के अनुरूप किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा जिले में कीटनाशी विक्रय केंद्रों की जांच तेज कर दी गई है। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कृषि केंद्र संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

कृषि विभाग द्वारा खरीफ वर्ष 2026 में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान विकासखंड डौंडी के ग्राम चिखली स्थित पूर्णानंद कृषि केंद्र, विकासखंड गुंडरदेही के ग्राम मोहंदीपाट स्थित ठाकुर कृषि केंद्र, ग्राम राहुद स्थित जय किसान कृषि केंद्र, विकासखंड डौंडीलोहारा के ग्राम सोरली स्थित जलेश्वर कृषि केंद्र, विकासखंड गुरूर के ग्राम सोरर स्थित ठाकुरदेव कृषि केंद्र तथा विकासखंड बालोद के ग्राम निपानी स्थित चन्द्राकर कृषि केंद्र के कीटनाशी लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। वहीं विकासखंड गुंडरदेही के ग्राम अर्जुन्दा स्थित संतोषी कृषि केंद्र के लाइसेंस को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है।

165 कृषि केंद्रों का निरीक्षण

कृषि केंद्र संचालकों द्वारा कीटनाशी व्यवसाय में कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं नियम 1971 का उल्लंघन पाए जाने पर उप संचालक कृषि एवं जिला बालोद द्वारा संबंधित संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। जिले में अब तक 165 कृषि केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें अनियमितता पाए जाने पर 18 कृषि केंद्रों का विक्रय प्रतिबंधित, 85 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस, 01 लाइसेंस निलंबित तथा 09 लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं।

किसानों से विश्वसनीय केंद्रों से ही कृषि सामग्री खरीदने की अपील

कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे विश्वसनीय एवं अधिकृत विक्रेताओं से ही कीटनाशी और अन्य कृषि सामग्री खरीदें तथा सामग्री का पक्का बिल अवश्य लें। कृषि केंद्र संचालकों को भी नियमों और अधिनियमों का पालन करते हुए व्यवसाय संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं नियम 1971 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कृषि केंद्र संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसानों के हितों की रक्षा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

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