लीलाधर साहू गुण्डरदेही।
नगर के ताँदुला नदी में डूबने वाले 30 वर्षीय युवक का शव 21 घंटे बाद बरामद हुआ। इधर मृतक युवक के परिजन एवं वार्डवासियों ने मुआवजे एवं घटना के वक्त मौजूद पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने की मांग को लेकर नगर के धमतरी चौक पर चक्का जाम कर दिया। मृतक के परिवार का आरोप है कि दो पुलिस कर्मियों के सामने युवक नदी में डूब गया परंतु उन्होंने युवक को बचाने का प्रयास नहीं किया।
परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बीच परिजनों एवं पुलिस प्रशासन के बीच काफी गहमा गहमी का माहौल रहा। परिजनों ने युवक के शव को सड़क पर रखकर बरसते पानी में चक्का जाम किया। जहां करीब ढाई घंटे तक चक्का जाम के बाद अनुविभागीय अधिकारी, पुलिस प्रशासन, पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन की संयुक्त टीम ने चक्कर जाम समाप्त किया।
पढ़िए क्या है पूरा मामला….
दरअसल गुरुवार को शाम 6 बजे नगर के ताँदुला नदी के किनारे करीब 10 लोग ताश खेल रहे थे। सूचना मिलने पर गुण्डरदेही पुलिस की टीम रेड कार्रवाई करने ताँदुला नदी किनारे पहुंची। जहां पुलिस को देखते ही सभी जुआरी इधर-उधर भाग गए। वही तीन लोग तांदुला नदी में कूद गए। जिसमें से दो लोग तैर कर बाहर निकल गए वहीं नगर के वार्ड नंबर 10 निवासी दुर्गेश सोनकर नदी में डूब गया।
गुण्डरदेही पुलिस, बालोद पुलिस एवं एसडीआरएफ टीम द्वारा 21 घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद युवक का शव बरामद किया गया। जिसके बाद नाराज परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धमतरी चौक पर युवक के शव को सड़क पर रखकर करीब ढाई घंटे तक चक्का जाम कर दिया।
मृतक युवक नगर के वार्ड क्रमांक 10 निवासी दुर्गेश सोनकर,पिता हेमू सोनकर 30 वर्ष है। दुर्गेश सोनकर नगर के सब्जी मंडी में काम करता था। उनकी दो छोटे-छोटे बच्चे भी हैं। उक्त घटना के बाद उनकी पत्नी, बच्चे एवं परिजन सदमे में है।
क्या कहते हैं पुलिस प्रशासन…
उक्त मामले को लेकर एसडीओपी राजेश बागड़े ने कहा कि ताँदुला नदी के किनारे जुआ खेलने की शिकायत काफी समय से मिल रही थी, गुरुवार को भी आसपास के किसान ने लिखित शिकायत किया था। जिसके बाद गुण्डरदेही पुलिस की टीम कार्रवाई के लिए नदी किनारे पहुंची।
उक्त स्थान में करीब 8 से 10 लोग जुआ खेल रहे थे। जिसमें से बाकी लोग बचकर भाग गए वहीं तीन लोग नदी में कूद गए। दो लोगों ने तैर कर अपनी जान बचा ली, वहीं एक युवक नदी में डूब गया। घटना की सूचना पुलिस को मिलने के बाद गुरुवार को गोताखोर द्वारा रात्रि लगभग 12 बजे तक युवक की खोजबीन की गई। वही शुक्रवार को भी एसडीआरएफ की टीम द्वारा लगातार खोजबीन कर मृत युवक का शव बाहर निकाला गया।
उक्त मामले में पुलिस विभाग के पुलिस एसडीओपी राजेश कुमार बागडे, एसडीएम प्रतिमा ठाकरे, तहसीलदार एवं पुलिस प्रशासन व भाजपा के वरिष्ठ नेता नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन एवं पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू एवं प्रशासन व परिजन के बीच चक्का जाम स्थल पर परिजन की मांग के अनुरूप नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने मृतक की पत्नी को प्लेसमेंट कर्मचारियों के रूप में काम करने की घोषणा की। एवं नगर पंचायत की ओर से मृतक परिवार को एक लाख रुपए की सहायता राशि देंगे। वहीं परिजनों के मांग पर नगर पंचायत अध्यक्ष ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई करने, प्रशासन और परिजन के बीच सहमति बनी तब चक्का जाम समाप्त हुआ।
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने कहा मृतक परिवार को उचित न्याय मिलेगा। शासन से मिलने वाले मुआवजा राशि के लिए तत्काल प्रकरण बनाए जाएंगे और नगर पंचायत तत्काल उन्हें प्लेसमेंट कर्मचारियों के रूप में जॉइनिंग देंगे।


