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पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष लोकेश्वरी साहू सिखा रही जरूरतमंद महिलाओं और युवतियों को सिलाई।

लीलाधर साहू

गुण्डरदेही।

निशुल्क बैग सिलाई का भी दे रही प्रशिक्षण, वनांचल से आने वाली युवतियां गढ़ रही अपना नया भविष्य

बालोद/डौंडीलोहारा की पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष लोकेश्वरी गोपी साहू इन दिनों अपने सौंदर्य संसार प्रतिष्ठान में डौंडीलोहारा और वनांचल क्षेत्र के विभिन्न गांव से आने वाली महिलाओं और जरूरतमंद लड़कियों को सिलाई का प्रशिक्षण दे रही है। उनके द्वारा पांच दिवसीय बैग बनाने का निशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसके अलावा शूट, ब्लाउज़, हैंड बैग, कॉलेज बैग, सफर बैग, कंपाज बॉक्स, मोबाइल बॉक्स, सहित अन्य कपड़ों की सिलाई का प्रशिक्षण में उनके द्वारा निरंतर जारी है । इस सिलाई प्रशिक्षण में खासकर वनांचल की ऐसे गांव से भी लड़कियां सिलाई सीखने को आ रही हैं, जो काफी जरूरतमंद है और उनके क्षेत्र में सिलाई के क्षेत्र में एक अच्छा रोजगार हासिल किया जा सकता है।

भंवरमरा, पुनारकसा जैसे सुदूर वनांचल गांव से भी लड़कियां उनसे सिलाई सीखने के लिए पहुंच रही हैं। अपने कार्यकाल में नगर का करोड़ों का विकास कार्य करवाने वाली लोकेश्वरी साहू इन दिनों जरूरतमंद महिलाओं और लड़कियों को प्रशिक्षण देकर सिलाई के क्षेत्र में उनका नया भविष्य गढ़ने में जुटी हुई है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही ममता चुरेंद्र सहगांव , रानी कोसमा डौंडीलोहारा, पूजा टंडन खैरीडीही, खिलेश्वरी पटेल चिल्हाटी, अंजू तारम चिल्हाटी, योगिता साहू रेगाडबरी , योगिता सिन्हा डौंडीलोहारा, लक्ष्मी राणा भंवरमरा, सुनीता साहू डौंडीलोहारा, कुमेश्वरी कारते पुनारकसा ,

भावना भंडारी रेगाडबरी, चंद्रिका सहगांव आदि ने बताया कि बहुत ही सरल और सुलभ तरीके से लोकेश्वरी दीदी हमें सिलाई करना सिखाती है। जीरो से शुरुआत करने वाली लड़कियां भी धीरे-धीरे अपने लिए सूट तक सिलने लगी है। बैग सिलने का प्रशिक्षण तो उनके लिए और भी खास बन गया है। निशुल्क प्रशिक्षण में 5 दिनों का लाभ उठाने के लिए दूर-दूर से महिलाएं और लड़कियां पहुंच रही हैं। बैग खासकर महिलाओं के बीच एक उपयोगी साधन होता है जिसे स्वयं सी कर वे उत्साहित महसूस कर रहे हैं।

1000 से ज्यादा महिलाओं, लड़कियों को कर चुकी सिलाई में प्रशिक्षित, बना चुकी दक्ष

लोकेश्वरी दूसरों को लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। आज भी अपने जैसी महिलाओं और युवतियों को आगे बढ़ाने के लिए वह उन्हें सिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाती हैं तो वही राजनीति, समाज सेवा के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभाती हैं। करीब 6 साल में 1000 से ज्यादा महिलाओं को लोकेश्वरी सिलाई कढ़ाई में पारंगत कर चुकी हैं। जो आज बेहतर मुकाम पर हैं। इनमें से कई लोग आज कुशल व्यवसाय कर रहीं हैं। वही कई लोग सिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण देने स्व सहायता समूहों में भी जाती हैं।

सामाजिक कार्यों में भी है सक्रिय

पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष लोकेश्वरी साहू ना केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। उनकी सक्रियता के कारण ही उन्हें तहसील साहू संघ में विशेष आमंत्रित सदस्य और विशिष्ट कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है। लोकेश्वरी साहू अपनी राजनीतिक दिनचर्या के अलावा सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेती हैं। घर गृहस्थी व व्यवसाय के साथ-साथ राजनीति को भी बेहतर तालमेल से चलाने की खूबियां उनमें भरी है।

शिक्षित होकर नौकरी करने के बजाय समाज सेवा की चुनी राह

हिंदी व अंग्रेजी में एमए के अलावा बीएड व टीईटी की परीक्षा पास होने के बाद भी उन्होंने नौकरी की बजाय जनसेवा को ही प्राथमिकता दी है। गृहिणी से ही नगर पंचायत अध्यक्ष बनी थी। अध्यक्ष रहने के दौरान भी उनकी दिनचर्या में कोई परिवर्तन नहीं आया है। जबकि कई लोग राजनीति में कदम रखने के बाद इसकी चकाचौंध में अपना पुराना व्यवसाय भूल जाते हैं, लेकिन लोकेश्वरी साहू एक कुशल गृहणी के अलावा आज भी सिलाई कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र में जाकर नियमित रूप से बालिकाओं को सिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण देती है। वहीं अपनी श्रृंगार सदन में ग्राहकों को सामान भी देती हैं। हिंदी व अंग्रेजी में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद वह बीएड तथा टीईटी की परीक्षा पास करने के बाद भी उन्होंने नौकरी की ओर ध्यान नहीं दिया। नगर पंचायत अध्यक्ष बनने के बाद भी उनकी विगत पांच साल एक ही प्राथमिकता रही है नगर और समाज के लोगों की सेवा। अब अध्यक्ष नहीं है तो भी वह अपने मूल कार्य समाज सेवा से पीछे नहीं हटती ।

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