लीलाधर साहू
गुण्डरदेही।
ब्रह्माकुमारीज बालोद की मुख्य संचालिका बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी ने बताया कि ब्रह्माकुमारीज द्वारा दी जाने वाली मुख्य शिक्षा राजयोग है जिसके द्वारा मन को एकाग्र करने की कला सिखाई जाती है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण इस झांकी के माध्यम से देखने को मिलता है। प्रतिदिन राजयोग का अभ्यास करने वाली यह देवी बहने अपने घर गृहस्थ में रहकर 1 घंटे का समय निकालकर प्रतिदिन सत्संग एवं राजयोग के अभ्यास से ऐसी स्थिरता को प्राप्त करती हैं जो लगातार 3 घंटे तक एकाग्र मुद्रा में ऐसे बैठती हैं मानो कोई मूर्ति विराजमान हो।
आने वाले नवरात्रि चतुर्थी से संचालित यह झांकी की सभी तैया तैयारीया पूर्ण हो चुकी है। इसमें संगीत एवं प्रकाश का अदितिय समन्वय देखने को मिलेगा, इसलिए सभी श्रद्धालु भाई-बहने अधिक से अधिक संख्या में सादर आमंत्रित हैं।

