गुण्डरदेही।
बालोद। जिला मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर ग्राम मेड़की के ग्रामीण बंदरों के आतंक से काफी परेशान थे जिसको देखते हुए ग्रामीणों के निर्णय के अनुसार बंदर भगाने के लिए दो कर्मचारियों की नियुक्ति हुई जिसका नाम सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। बॉबी देओल नाम के 21 साल की युवक बंदर को भगाने में सफल रहा, आपको बता दें कि बंदर भगाने का प्रयास लगभग इनको 4 साल से अनुभव है, इनके मुंह से निकलने वाले सिटी की आवाज से बंदर भाग जाते हैं, इन्होंने आगे बताया कि पढ़ाई लिखाई नहीं करने से उनकी अनुभव बंदर भगाने में रुचि दिखाई।
यह दोनों युवक मामा भांजा का रिश्ता है जाने क्या है मामा भांजा की कहानी….
बॉबी देओल डूडेरा निवासी मामा है और भांजा विशाल मरकाम राजनांदगांव जिला का निवासी है। यह दोनों बंदर भगाने में मशहूर हो चुके हैं उनकी सिटी की आवाज और गुल्हेल के निशाने से बंदर भाग जाते हैं, आज लगातार चार दिन से ग्राम मेड़की में बंदर भगाने में इनका प्रयास सफल रहा। जिससे राहत की सांस ले रहे हैं। कुछ दिनों से बंदरों की आतंक से ग्रामीण काफी परेशान रहे थे। खपरेल युक्त मकान की खपरा की बर्बादी एवं सब्जी भाजी के फसल के अलावा पोंगा बड़ी, लौकी, तुमा इत्यादि को काफी नुकसान पहुंचाते थे। बंदर भागने के बाद ग्रामीण राहत की सांस ले रहे हैं।
ग्रामीणों ने गांव में बैठक लेकर यह निर्णय लिया जिसके बाद बंदर भगाने के लिए दो युवक की नियुक्ति की गई। बॉबी देओल एवं विशाल मरकाम के साथ एक डॉगी भी रहता है जो काफी वफादार हैं, मलिक के आगे पीछे बंदर भगाने का काम डॉगी भी करते रहता है। आज उनसे हमारी बातचीत जब हुई तो पता चला कि सिटी की आवाज से बंदर भाग जाते हैं।

