गुण्डरदेही।
साइबर सुरक्षा, स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण के महत्व को रैली, पोस्टर, बैनर एवं रंगोली आदि के माध्यम से किया जा रहा है व्यापक प्रचार-प्रसार।
केंद्र सरकार के ’आदि कर्मयोगी अभियान’ के तहत बालोद जिले के आदिवासी बहुल गाँवों में ’आदि सेवा पर्व’ का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। आदि सेवा पर्व अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में आदिवासी समुदायों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराने की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस अवसर पर साइबर सुरक्षा, स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण के महत्व को रैली निकालकर, पोस्टर-बैनर एवं रंगोली आदि के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज बालोद विकासखण्ड के ग्राम मुल्लेगुड़ा, मालगांव, गुरूर विकासखण्ड के ग्राम डोकला, डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कुसमुकसा, अरमुरकसा, सिंगनवाही, कोटागांव,
काकड़कसा, डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पुनारकसा, खैरकट्टा, बंजारी नाकापारा, भीमपुरी, उपरवारा, चिलमगोटा, डुमाटोला, अरजपुरी, भंवरमरा, लमती, तुमड़ीकसा में आदि सेवा पर्व का आयोजन किया गया। इस दौरान वॉलंटियर्स और ग्रामीणों की टीम घर-घर जाकर आदिवासी परिवारों से मिल रही है। वे उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कौशल विकास और आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान लोगों को साफ-सफाई के महत्व के बारे में भी बताया गया और उन्हें स्वच्छता की शपथ भी दिलाई जा रही है। आदि सेवा पर्व के माध्यम से जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

